फरह ब्लॉक के एक पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य को अपने विद्यालय की शिक्षिका को पत्र लिखने और अश्लील मैसेज भेजने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। आरोपी कई दिनों से शिक्षिका को परेशान कर रहा था। दुखी होकर शिक्षिका ने मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक शिकायत भेजी। जानकारी पर हरकत में आए बीएसए ने हेडमास्टर को निलंबित कर जांच कमेटी बैठा दी है।
पीड़ित शिक्षिका विकास खंड फरह के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में करीब दस साल से तैनात है। आरोपी प्रधानाचार्य भी करीब छह साल से इसी विद्यालय में था। बताया गया है कि बीते दो साल से आरोपी शिक्षिका को परेशान कर रहा था। हाल ही में उसकी हरकतें काफी बढ़ गईं। वह फोनकॉल, मैसेज और पत्र आदि के माध्यम से भी शिक्षिका से अश्लील बातें करने लगा। कई बार अन्य लोगों ने भी उसे समझाया लेकिन आरोपी नहीं माना।
हार कर शिक्षिका ने कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, बेसिक शिक्षा मंत्री और महिला आयोग को चिट्ठी भेजी। स्थानीय स्तर पर अफसरों से शिकायत की। मामले की जानकारी पर बेसिक शिक्षा अधिकारी मनोज मिश्रा ने आरोपी हेडमास्टर को निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी बना दी है। इसमें एबीएसए संजय सिंह और जिला समन्वयक समेकित शिक्षा प्रगति मिश्रा शामिल हैं। बता दें कि जिले में पहले भी शिक्षिकाओं के साथ अभद्रता के मामले सामने आ चुके हैं। फरह ब्लॉक में ही एक सहायक अध्यापिका के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में प्रधानाध्यापक को निलंबित किया गया था।
राखी तक बांधी
मथुरा (ब्यूरो)। हेडमास्टर की हरकतों से परेशान शिक्षिका ने उसे राखी तक बांधी थी। सोचा था शायद राखी बंधवाने के बाद हेडमास्टर का व्यवहार बदल जाएगा लेकिन उस पर कोई फर्क ही नहीं पड़ा। वह लगातार परेशान करता रहा।
प्रधानाध्यापक द्वारा शिक्षिका के साथ अभद्रता करने का मामला संगीन है। प्रधानाध्यापक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए जांच समिति गठित कर दी गई है।
- मनोज मिश्रा
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी