ढाबे पर खाना खाकर भक्त अपने घर की ओर रवाना हुए। महज पांच से सात मिनट में कुछ किमी का सफर तय किया ही था कि गांव साहुवाला के समीप यह हादसा हो गया। कुछ लोगों को क्या पता था कि आगे का मौत उनका इंतजार कर रही थी। दोनों वाहनों में आमने सामने की टक्कर में वाहनों के परखचे उड़ गए। घायलों की चीखपुकार से चारो ओर कोलाहल सा मच गया। रात 1 बजे के करीब शोरगुल सुनकर कुछ राहगीर तो कुछ गांव के लोग घटनास्थल पर पहुंचे। लेकिन तब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि 62 घायल हो गए थे। दो घायलों की मौत अस्पताल में जाकर हुई। एक साथ इतने घायलों का इलाज सिविल अस्पताल में करना बड़ा ही कठिन सा लगने लगा, अस्पताल में बेड कम पड़ गए। हल्की चोट लगे लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद घायल फर्श पर ही लेटा दिया गया ताकि गंभीरों को उचित इलाज मिल सके। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और घायलों का हाल-चाल जाना।
हादसे में घायल और तीमारदार बलवंत सिंह रामगढ़िया, सुमन बाई, गुरजीत कौर, लखबीर कौर, अजमेर सिंह निवासी फाजिल्लकां ने बताया कि वे गोगामेड़ी में धोक लगाने गए थे। सभी लोग दो कैंटर में सवार थे। धोक लगाने के बाद एक साथ रवाना हुए पर एक कैंटर आगे निकल गया और वे पीछे रहे गए। उन्हाेंने बताया कि पहले वाले कैंटर के लोगों ने नेशनल हाइवे नौ पर गांव पन्नीवाला मोटा के समीप एक ढाबे पर खाना खाया और उनका इंतजार किए बिना ही फाजिल्का रवाना हो गए। नेशनल हाईवे पर निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे एक सड़क वन वे था। ऐसे में सामने से आ रहा एक कैंटर सड़क कम चौड़ी होने के कारण सामने से आ रहे कैंटर से जा टकराया। वाहनों की गति अधिक थी इस कारण से हादसे के बाद दोनों वाहनों के कैंटर के परखचे उड़ गए। कैंटर में बैठे और उसके ऊपर छत बनाकर बैठे श्रद्धालु दूर-दूर जाकर गिरे और हर तरफ चीखपुकार मच गया। हादसा हुआ सोमवार की रात सवा बारह बजे हुआ था। राहगीरों और ग्रामीणों ने घायलों को निकाला और मौके पर पहुंची एंबुलेंस से सिविल अस्पताल सिरसा पहुंचाया। तब तक श्रद्धालुओं को दूसरा कैंटर भी मौके पर पहुंच चुका था। उन्हाेंने घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में कम पड़ गए बेड
एक साथ इतने घायलों को देखकर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सभी डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ को रात में अस्पताल बुलाया गया। आलम यह रहा कि ट्रॉमा सेंटर में बेड कम पड़ गए। घायलों की मरहम पट्टी कर उन्हें फर्श पर ही लिटा दिया गया। हर ओर चीख पुकार मची हुई थी। हादसे की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक सतेंद्र कुमार गुप्ता ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और घायलों का हाल चाल जाना। प्रशासन की ओर से एसडीएम परमजीत सिंह चहल, चोपटा के नायब तहसीलदार कंवल सिंह मौके पर पहुंचे और हालात पर नजर बनाए रहे। गंभीर रूप से घायल करीब दस लोगों को रात को ही अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। मंगलवार सुबह रेडक्र ॉस के जिला सचिव प्रद्युमन सिंह और अश्वनी शर्मा अस्पताल पहुंचे और सीएमओ सूरजभान कंबोज से घायलों के लिए हर प्रकार कर मदद देने के लिए कहा। जिस पर सीएमओ ने साफ कहा कि दवाओं और रक्त की कोई कमी नहीं है। घायलों और तीमारदारों के खाने की व्यवस्था तक कर दी गई है। सीएमओ ने एमएस को निर्देश दिया कि जिन वार्डों में बेड खाली है वहां पर घायलों को शिफ्ट किया जाए और सभी के एक्सरे करवाए जाए।