फरह के नगला चंद्रभान में हुई भाजपा की जनकल्याण सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बम से उड़ाने की धमकी भरा एसएमएस भेजने वाले आरोपी पर कार्रवाई करने से नौहझील पुलिस कतरा रही है। आरोपी अत्यधिक नशे के चलते मंगलवार को थाने में ही बेहोश होकर गिर गया था। इसके बाद पुलिस डर गई है। आरोपी ने एक दिन पहले खुद ही थाने पहुंचकर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी थी। उसके इस पैंतरे से भी पुलिस के हाथपांव फूल गए हैं।
25 मई को फरह के नगला चंद्रभान में आयोजित सभा में बम विस्फोट की धमकी भरे मैसेज 21 मई को वायरल हो गए थे। पीएम को धमकी देने के सनसनीखेज मामले की जांच एसपी सिटी शैलेश पांडे के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच और सर्विलांस टीम ने की। जांच में पाया कि नौहझील के गांव नावली निवासी रामवीर सिंह ने यह धमकी भरा मैसेज भेजा था। तब से इसकी तलाश कर रही पुलिस को मंगलवार को एक कामयाबी अपने आप मिल गई कि रामवीर स्वयं ही थाने पहुंच गया। यहां आकर वह नशे के चलते बेहोश हो गया।
यह देख घबराई पुलिस ने आनन फानन में उसे अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद अपना पीछा छुड़ा लिया। इस मामले में पुलिस इतनी घबरा गई है कि उस पर फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। पुलिस को डर है कि यदि आरोपी को हिरासत में लेने के दौरान कोई अनहोनी हो गई तो बवाल मच जाएगा। उसकी हालत में थोड़ा सुधार होने पर उसे गांव के ही कन्हैया और एक अन्य व्यक्ति के सुपुर्द कर दिया गया, जबकि इसकी आईडी लगाई गई थी। इसके आधार पर सिम निकाली गई थी।
थानाध्यक्ष नौहझील प्रेमचंद यादव ने बताया कि धमकी देने का मामला सदर थाने में दर्ज है। इसकी जांच क्राइम ब्रांच द्वारा की जा रही है। आलाधिकारियों के संज्ञान में मामले को लाकर नशेड़ी रामवीर सिंह को सुपुर्द कर दिया गया है। मामले की जांच अभी चल रही है।
रामवीर का धमकी भरे मैसेज देने में हाथ है या नहीं। इसकी जानकारी विवेचक ही दे सकते हैं। फिलहाल उसकी हालत देखते हुए छोड़ दिया गया है। साथ ही उस पर भी नजर रखी जा रही है। यदि उसकी भूमिका पाई जाती है तो नौहझील पुलिस द्वारा उसे फिर से पकड़ा जा सकता है।
अजय कुमार
एसपी देहात, मथुरा