पुलिस की गोली से मारे गए रामू लोधी की मौत के बाद से खामोश मथुरा पुलिस ने गुरुवार को चुप्पी तोड़ ही दी। पुलिस ने दो बदमाशों को गिरफ्तार करके कहा कि यह रामू के साथी हैं और गैंग बनाकर लूटपाट करते थे। इनके कब्जे से एक चोरी की बाइक और हथियार बरामद किए हैं।
रामू लोधी की मौत का मामला मथुरा से आगरा तक गूंज रहा है। बुधवार को आईजी सुजीत पांडेय के आफिस को लोगों ने घेर लिया गया था। दोषी पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने 26 दिसंबर को हाईवे जाम करने का अल्टीमेटम दिया था।
आईजी के आदेश पर मामले की जांच शुरू हुई तो मथुरा पुलिस भी हरकत में आ गई। पुलिस ने दिनेश निवासी ग्राम नागर अलीगढ़ और चौब सिंह निवासी गोबरा अछनेरा आगरा को गिरफ्तार कर लिया है। चौब सिंह रामू का मौसेरा भाई बताया जा रहा है।
एसएसपी मोहित गुप्ता ने दोनों आरोपियों को मीडिया के समक्ष पेश किया। एसएसपी ने बताया कि पकड़े गए युवक शातिर बदमाश हैं। इन लोगों ने आगरा और मथुरा में वारदात की हैं। चोरी की एक बाइक इनसे मिली है। यह सभी लोग रामू के साथ मिलकर लूटपाट करते थे। एसपी सिटी अशोक कुमार सिंह और सीओ सिटी जगदीश सिंह ने बताया कि इनका एक साथी सतेंद्र उर्फ सत्तो निवासी कुम्हेर जिला भरतपुर अभी फरार चल रहा है जिसे जल्द पकड़ लिया जाएगा।
पकड़े गए युवक बीएससी और इंटर पास
दिनेश बीएससी एग्रीकल्चर किए हुए है जबकि रामू का मौसेरा भाई चौब सिंह ने खुद को इंटर पास बताया था। कोतवाली प्रभारी सुरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि रामू विकास नगर में भगवान सिंह बघेल के मकान में दो पहले रहने आया था। वहां उसने अपनी आईडी गलत लगाई थी। सिम भी फर्जी आईडी से खरीदे थे।
मेरे भाई को जबरदस्ती बदमाश साबित कर रही पुलिस
पुलिस के दावे पर रामू के भाई अजीत सिंह का कहना है कि घटना वाले दिन से ही पुलिस उसके भाई को बदमाश साबित करने पर तुली है। सिपाहियों को बचाने के लिए यह पूरी कहानी रची गई। सीबीआई जांच हो जाए तो पूरा मामला साफ हो जाएगा। कई पुलिस वाले जेल जाएंगे।
फतेहपुर सीकरी निवासी अजीत सिंह से जब बात की गई तो उनका कहना था कि रामू पर कहीं कोई मुकदमा नहीं है। वह तो नौकरी कर रहा था। पुलिस वालों ने फर्जी मुठभेड़ दिखाकर उसे मार दिया। जब पुलिस वालों को लगा कि वह अब वह फंस जाएंगे तो रामू को बदमाश साबित करने लगे।
अजीत सिंह ने बताया कि उनका जो मौसेरा भाई पकड़ा गया है उसे मार मारकर कबूल कराया गया है। पुलिस के डर के मारे ही उसने सब स्वीकार किया होगा। आज ही इस पूरे मामले की अगर सीबीआई जांच करा ली जाए तो पुलिस के अफसर तक फंस जाएंगे। उनका कहना है कि न्याय के लिए जो आंदोलन चल रहा है वह और जोर पकड़ेगा।