थाना क्षेत्र के गांव गांजौली में विवादित जमीन पर मकान का निर्माण रुकवाने के लिए हाईकोर्ट के स्टे का अनुपालन कराने गई ओल चौकी पुलिस से मारपीट कर दी गई। चौकी पुलिस की मजामत की खबर पर थाना फरह से फोर्स पहुंचा तो आरोपी भाग निकले। मामले में चार लोगों को नामजद किया गया है।
गांव गांजौली में एक खेत पर पूर्व प्रधान नाहर सिंह और नरेंद्र शर्मा में विवाद चल रहा है। इस जमीन पर पूर्व प्रधान निर्माण करा रहे थे। शनिवार को नरेंद्र हाइकोर्ट का स्टे लेकर ओल चौकी पहुंचे और इस बारे में पुलिस को बताया। चौकी प्रभारी ओल पुलिसबल के साथ शनिवार की दोपहर हाईकोर्ट के स्टे का अनुपालन कराने के लिए गांव गांजौली पहुंचे। उन्होंने निर्माण कार्य रोकने की कोशिश की तो नाहर सिंह और उसके समर्थकों ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। जमकर पुलिस की मजामत की।
पुलिसकर्मी किसी तरह से बचकर भागे। इस संबंध में सूचना पर थाना फरह प्रभारी अवधेश कुमार त्रिपाठी फोर्स के साथ पहुंचे, लेकिन तब तक हमलावर भाग निकले थे। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में पूर्व प्रधान नाहर सिंह, श्यामवीर, अजय, नेकराम और छह अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
आला अफसरों से छुपाया मजामत का मामला
पुलिस पर हुए हमले से पुलिस के उच्च अधिकारी अनभिज्ञ रहे। या तो फरह पुलिस ने इसकी जानकारी नहीं दी या फिर आला अफसर इस हमले को स्वीकारने में हिचकिचाते दिखे। एसपी (सिटी) अशोक कुमार सिंह से जब इस बारे में जानकारी की गई तो उन्होंने घटना के प्रति अनभिज्ञता जताई।
पहले भी पिट चुकी है पुलिस
14 अप्रैल, 2016: अंबेडकर जयंती शोभायात्रा के समय एक फौजी ने ओल में पुलिसकर्मियों की पिटाई की।
अप्रैल, 2014: गोतस्करोें ने हाईवे पर छाता मेें टक्कर मारकर एक एचसीपी और होमगार्ड की हत्या की।
1 नवंबर, 2014 : गोकुल बैराज पर औरंगाबाद और दामोदरपुरा के किसानों ने पुलिसकर्मियों को पीटा।
-गांव कारब में कुएं में बालक को बरामद करने र्गई राया पुलिस की पिटाई कर राइफल छीनी। तत्कालीन एसओ को बंधक बनाया।
29 मई, 2012: थाना बरसाना के गांव हाथिया में दबिश देने गई आगरा की स्वाट टीम पर खुल्ली मेव गैंग ने हमला किया। सिपाही सतीश परिहार की गोली मारकर हत्या की।
अगस्त, 2012: श्रीधाम एक्सप्रेस में आगरा के दो पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या, रायफल लूटी।