ट्रेन में मध्यप्रदेश के वित्तमंत्री से लूटपाट करने वाले गिरोह के दो और सदस्य जीआरपी के हत्थे चढ़े। एसटीएफ की मदद से इन्हें आझई रेलवे स्टेशन से मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया। सरगना समेत चार साथी भाग जाने में सफल रहे। एसपी जीआरपी ने मीडिया को बताया कि बदमाशों से सात हजार नगदी, दो तमंचे और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
गत 18-19 मार्च की रात को फरह के निकट जबलपुर से निजामुद्दीन जाने वाली गोंडवाना एक्सप्रेस में सफर कर रहे मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री जयंत मलैया और अन्य यात्रियों से इस गैंग ने लूटपाट की थी। गिरोह को पकड़ने लिए जीआरपी और एसटीएफ ने संयुक्त अभियान चला रही है। शनिवार की देर रात छाता के निकट स्थित आझई रेलवे स्टेशन पर हथियारबंद बदमाश होने की सूचना पर जीआरपी और एसटीएफ के जवान पहुंचे।
एसपी जीआरपी गोपेशनाथ खन्ना ने बताया कि वहां खंभा संख्या 14/18 के निकट खड़े बदमाशों ने घेराबंदी होते देख पुलिस टीम पर फायर किए। जवानाें की सतर्कता दिखाते हुए दो बदमाश दबोच लिए। इनके नाम राहुल(24) पुत्र चीनाराम और सुनील उर्फ डैनी (25) पुत्र राजू हैं। ये टोहाना फतेहाबाद, हरियाणा के रहने वाले हैं। इन्होंने दक्षिण एक्सप्रेस, तमिलनाडु एक्सप्रेस सहित कई ट्रेन में डकैती की घटनाओं को स्वीकारा है। जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक पीके लवानियां ने बताया कि ये विशाल बाबरिया गैंग के सदस्य हैं। पंजाब, हरियाणा, कुरुक्षेत्र, जम्मू, राजस्थान आदि क्षेत्रों की ट्रेनों में वारदात कर चुके हैं। बता दें कि इन ट्रेनों में लूट और डकैती के चार बदमाश 27 मार्च को पकडे़ जा चुके हैं।
महिला, परिवार को बनाते निशाना
लूटपाट और डकैती के लिए बदमाश कोच में घूमकर रेकी करते थे। परिवार और महिलाएं इनका निशाना होती थीं। वे कोच में कई बार चक्कर काटते। मौका देखते ही हमला बोल लूट को अंजाम देते। एसपी जीआरपी ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों के परिजनों में कुछ सदस्य रेलवे में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं।