स्वाट टीम और कोतवाली पुलिस ने एक्सप्रेसवे पर लूटपाट करने वाले बावरिया गैंग के सात लुटेरे पकड़े हैं। गैंग के सदस्य चलती कारों पर एक्सल मारकर गाड़ी रुकवाते और लूटपाट करते। लुटेरों से तीन लक्जरी कार, आधा दर्जन मोबाइल, तमंचे, साइकिल के एक्सल बरामद किए हैं।
एसएसपी डा. राकेश सिंह ने बताया कि गैंग के लोग यमुना एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार कार पर सड़क किनारे खड़े होकर साइकिल के एक्सल मारते। गाड़ी में एक्सल लगने पर आवाज होती तो चालक गाड़ी रोक लेते।
गाड़ी रुकते ही छह-सात की संख्या में लुटेरे तमंचे और डंडे लेकर पहुंच जाते और उनको लूट लेते। इसके बाद वे सर्विस रोड या फिर अपनी विपरीत दिशा में खड़ी गाड़ी से तेज रफ्तार में भाग जाते थे। नोएडा से लेकर आगरा में बीच इस गैंग ने कई वारदात की हैं।
स्वाट टीम ने गैंग के मुकेश उर्फ शैतान बाबरिया, उसके भाई चूचू उर्फ नीरज बावरिया, भूरा उर्फ ओमप्रकाश बावरिया निवासी गांव नौनीबेर थाना जगनेर आगरा, नितिन उर्फ राजू निवासी मोहन नगर पलवल हरियाणा, गुड्डू निवासी रसूलपुर भरतपुर, मंगल बाबरिया निवासी ऊंटासानी अलीगढ़, नूर उर्फ प्रभू निवासी गांव अटरैना थाना पलवल हरियाणा को पकड़ा है।
उनके साथी ओमवीर लाला बाबरिया और अमित उर्फ मौनू निवासी अभिषेक पुरी थाना हाईवे फरार हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से तीन कार बरामद की हैं। एसएसपी ने टीम को पांच हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है।
दादरी में डाली थी डकैती
मथुरा। बावरिया गैंग ने थाना दादरी गाजियाबाद के गांव नगला नैनसुख में 14 नवंबर, 2015 को 25 लाख की डकैती डाली थी। लुटेरों ने गृहस्वामी को पीट-पीटकर मरणासन्न कर दिया था। दादरी पुलिस ने आकर लुटेरों से पूछताछ की।
इंटरचेंज, कट के आसपास करते थे लूट
मथुरा। मथुरा, आगरा, जेवर और नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर लूट करने के लिए बावरिया गैंग के लुटेरे दो से तीन गाड़ियों में निकलते। कट और इंटरचेंज से 8-10 किलोमीटर के इलाके को वारदात के लिए चुनते।
जिस सड़क पर अपनी गाड़ी खड़ी करते उसके विपरीत दिशा में आने वाली गाड़ियों में लूटपाट करतेे। वारदात के बाद तुरंत अपनी गाड़ियों से कट, इंटरचेंज से होकर सर्विस रोड पर आ जाते। इससे वे टोल पर भी नहीं जाते।