कानून व्यवस्था में सुधार की तैयारी
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जिला प्रशासन के लिए बड़ा सिरदर्द बन गए जवाहर बाग के अब जल्द खाली होने के आसार नजर आने लगे हैं। प्रमुख सचिव गृह और जिलाधिकारी के बीच हुई वार्ता के बाद शासन इसके लिए जिला प्रशासन को बाहर के जनपदों से फोर्स, पीएसी और केंद्रीय सुरक्षा बल दिलाने के लिए सहमत हो गया है।
डीएम राजेश कुमार ने बताया कि जवाहर बाग में रह रहे लोगों को हटाने के लिए डिमांड के अनुरूप सुरक्षा बल देने पर प्रमुख सचिव गृह ने सहमति दे दी है। उन्होंने भरोसा दिया है कि जल्द ही डिमांड के मुताबिक पुलिस बल मथुरा को मिल जाएगा, जिससे जवाहर बाग को खाली कराया जा सके। डीएम ने संभावना जताई है कि आंदोलनरत कर्मचारियों को दी गई समय सीमा भीतर ही जवाहर बाग को खाली करा लिया जाएगा।
बता दें, जवाहर बाग पर खुद सत्याग्रही बताने वाले करीब तीन हजार लोगों का कब्जा है। दो साल से यह कब्जा प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। जवाहर बाग प्रकरण के चलते उद्यान विभाग का कामकाज चौपट हो चुका है। आसपास के अन्य विभागीय कार्यालयों में भी कर्मचारियों में दहशत है।
यहां तक कि जवाहर बाग कालोनी में रह रहे कर्मचारी भी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। गत चार अप्रैल को सत्याग्रहियों ने तहसील पर हमला कर तहसील कर्मियों और अधिवक्ताओं के साथ मारपीट की थी। इसकेे विरोध में कर्मचारी और अधिवक्ता हड़ताल पर चले गए थे। प्रशासन ने इस मामले में 10 मई तक कार्रवाई करने और जवाहर बाग को खाली कराने का आश्वासन देकर हड़ताल समाप्त कराई थी।
जिला उद्यान कार्यालय नए स्थान से संचालित
जिला उद्यान अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि जवाहर बाग में धरना दे रहे कथित सत्याग्रहियों के उद्यान विभाग कर्मियों से मारपीट और कार्यालय पर जबरन कब्जा कर लिया गया है। इस कारण जिला उद्यान कार्यालय अब राजकीय उद्यान क्षेत्र चांदमारी, बालाजी पुरम तन्तूरा रोड पर अस्थायी रूप से संचालित किया जा रहा है।