अपर सत्र न्यायालय ने रंजिश में हत्या के मामले में पांच लोगों को उम्र कैद की सजा सुनाई है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता श्याम सिंह राजपूत ने बताया कि वादी महेंद्र सिंह निवासी थाना नौहझील ने 25 दिसंबर, 1997 को सूचना दी थी कि उनके भाई उदल को गांव का राकेश ले गया था। इसके बाद अश्वनी, वीरु, राकेश ने जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। जिससे उनके भाई की मौत हो गई।
मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एके गुप्ता की अदालत में दोनों ही पक्षों की ओर से गवाह और सबूत पेश किए गए।
अधिवक्ताओं ने तर्क के साथ बहस की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश एके गुप्ता ने कप्तान सिंह, राकेश पुत्र महावीर, राकेश पुत्र अश्वनी, वीरु और अश्वनी कुमार को उम्रकैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सजा पाने वालों में अश्वनी पिता और राकेश-वीरु सगे भाई है।