शाम को शादी होनी थी और सुबह होने वाले दूल्हे ने संदेश भेजा कि दहेज में उसे कार और 11 लाख रुपये चाहिए। मनाने के प्रयास हुए पर व्यर्थ। शाम तक वधू पक्ष स्थानीय होटल में इंतजार करता रहा। कोई नहीं पहुंचा। देर शाम होने वाली दूल्हन अपनी मां के साथ थाने पहुंची। मेहंदी लगे हाथों ने शिकायत लिखकर सौंपी।
घटनाक्रम वृंदावन की एक पाश कालोनी का है। यहां दो पड़ोसी परिवारों के युवक-युवती की कालेज में दोस्ती हुई। दोनों ने अपने परिवारों को शादी के लिए मनाया। थोड़े विरोध के बाद दोनों परिवार मान गए। 25 जुलाई को स्थानीय होटल में युवक और युवती की सगाई कर दी गई।
दोनों परिवार के लोगों ने 29 जनवरी की तारीख को शादी समारोह तय किया। कार्ड रिश्तेदारों और परिचितों में बांट दिए गए। 29 जनवरी की सुबह अचानक युवक ने दहेज में कार और 11 लाख की मांग रख दी। मांग पूरी न होने पर उसने शादी करने से इंकार कर दिया।
एकाएक इस मांग से युवती के परिवारीजनों को परेशान कर दिया। युवक को मनाने का प्रयास किया गया। युवती के परिवार के लोग शादी समारोह के लिए तय होटल में वर पक्ष का इंतजार करते रहे। शाम तक जब कोई नहीं पहुंचा। देर शाम युवती अपनी मां के साथ कोतवाली पहुंची और शिकायती तहरीर दी। समाचार लिखे जाने तक दोनों पक्षों के लोग कोतवाली में समझौता कराने का प्रयास कर रहे थे।