तीन वर्ष पूर्व मृत्यु के एक मामले में किसान दुर्घटना बीमा में लेखपाल द्वारा घूस मांगने और रिपोर्ट न लगाने पर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति ने डीएम को लेखपाल के खिलाफ जांच कर कार्रवाई का आदेश दिया है। साथ ही चीफ जस्टिस ने याचिकाकर्ता के आवेदन को एक माह में निस्तारित करने को कहा है।
याची के वकील फारुक अय्यूब ने बताया कि तहसील रामनगर के ग्राम सत्तिनपुरवा निवासी असगर अली की 11 फरवरी 2013 को दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। पत्नी खलीफा ने किसान दुर्घटना बीमा के तहत आवेदन किया था। क्षेत्रीय लेखपाल मिथिलेश कुमार पांडेय ने रिपोर्ट लगाने के लिए 10 हजार रुपये घूस मांगी थी लेकिन खलीफा गरीबी के कारण नहीं दे सकी। जिसके बाद लेखपाल द्वारा आवेदन पत्र पर रिपोर्ट नहीं लगाई गई। उसके बाद खलीफा ने डीएम को भी प्रार्थना पत्र दिया, नतीजा सिफर रहा। जिस पर खलीफा ने वकील के माध्यम से हाईकोर्ट में न्याय की गुहार की।
हाईकोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ तथा राजन राय की पीठ ने डीएम को लेखपाल के खिलाफ जांच कर दोषी पाए जाने पर दंडित करने का आदेश दिया है। पीठ ने याचिकाकर्ता के अनपढ़ होने के कारण उसमेें कमी दूर कराकर आवेदन एक माह में निस्तारित करने को कहा है।