रिफाइनरी की पाइपलाइन में सेंध लगाकर करोड़ों की तेल चोरी के मामलों की विवेचना अब क्राइम ब्रांच करेगी। रिफाइनरी क्षेत्र के थानों की पुलिस और तेल माफियों की साठगांठ की चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया है। अब तक हुए तेल चोरी के सभी मामले क्राइम ब्रांच को सौंपे जा रहे हैं।
आईओसीएल रिफाइनरी व बीपीसीएल के रिफाइनरी के निकट बने टर्मिनल से जुड़ी जनपद में आधा दर्जन भूमिगत पाइपलाइन हैं। इसमें मथुरा रिफाइनरी से जालंधर पाइपलाइन कोटवन तक 52 किलोमीटर, भरतपुर तक 17 किलोमीटर, टूंडला पाइपलाइन 30 किलोमीटर, गुजरात सलाया की 17 किलोमीटर सहित 150 किलोमीटर से अधिक लाइनें गुजर रही हैं।
भूतल से छह फुट गहराई में बिछी इन पाइपलाइनों सेें तीन साल में डेढ़ दर्जन बार तेल चोरों ने करोड़ों का डीजल, पेट्रोल और क्रूड ऑयल चोरी किया। मामला पकड़ में आने पर रिफाइनरी अधिकारियों ने अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन कई मामलों में अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।
तेल चोर और पुलिस के बीच साठगांठ की बात भी कही जा रही है। अब जैंत के गांव अरहेरा में पाइप लाइन फूटने के मामले को एसएसपी ने गंभीरता से लिया है। एसएसपी ने तेल चोरी, लाइन तोड़कर चोरी के मामलों की विवेचना क्राइम ब्रांच से कराने के आदेश दिए। इसमें थाना रिफाइनरी, फरह, कोसीकलां, छाता, जैंत वृंदावन, हाईवे, मगोर्रा और ओल चौकी में दर्ज मामले शामिल हैं।
रिफाइनरी की पाइप लाइन तोड़कर तेल चोरी के मामलों में थाना स्तर से ज्यादा काम नहीं हो पाता है। तेल चोरों को पकड़ने के लिए इसकी विवेचना क्राइम ब्रांच से कराई जाएगी। सभी थानों से तेल चोरी के मामलों में प्रकाश में आए लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
डॉ राकेश सिंह
एसएसपी