शहर के बहुचर्चित तृप्ति मर्डर केस में तृप्ति के पति रवि खंडेलवाल को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। दोषी ने नौ साल पहले अपनी पत्नी को गला घोंटकर मौत के घाट उतार दिया था। मामले में दंपति के पांच साल के बेटे की गवाही अहम रही। लाई डिटेक्टर टेस्ट में भी रवि फंस गया था। अभियुक्त पिछले आठ साल से जेल में ही है।
20 जून 2008 को शहर की पॉश कालोनी राधापुरम में तृप्ति खंडेलवाल को गला घोंटकर मारा गया था। मामले में तृप्ति के पति रवि खंडेलवाल ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करा दिया। हालांकि पुलिस को शुरू से ही रवि पर शक रहा। कोई ठोस सबूत न मिलने पर पुलिस ने रवि का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराया। इसमें रवि खंडेलवाल बुरी तरह फंस गया।
वहीं दंपति के पांच साल के बेटे कनक ने भी पुलिस को बताया था कि उसकी मम्मी का कत्ल पापा ने ही किया है। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायालय-तृतीय में न्यायाधीश जय प्रकाश तिवारी के समक्ष हुई। अदालत ने गवाहों के बयान और पुलिस की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर रवि खंडेलवाल को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
पापा ने दबा दिया मम्मी का गला
नदबई (राजस्थान) निवासी सुरेश चंद खंडेलवाल ने अपनी लाडली तृप्ति की शादी चार मार्च 2003 को रवि खंडेलवाल पुत्र श्याम सुंदर खंडेलवाल निवासी राधापुरम मथुरा से की थी। सरकारी वकील नंद कुमार तिवारी ने बताया कि शादी के बाद से ही रवि अपनी पत्नी को दहेज के लिए प्रताड़ित करता था। मासूम कनक ने रवि को मम्मी का गला दबाते देख लिया था। मासूम ने न्यायालय में अपनी गवाही में ये बात कही।