ईदगाह कुतलुपुर स्थित मंदिर के महंत हृदेश शर्मा की मंगलवार सुबह मंदिर में ही पिटाई कर दी गई। आरोप है कि हमलावर मंदिर से मूर्तियों के मुकुट भी लूट ले गए। वह विहिप नेताओं के साथ थाना रकाबगंज पहुंचे तो उनकी सुनवाई के बजाए पुलिस ने उनसे बदसलूकी की। इस पर भड़के विहिप और बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने नामनेर चौराहा पर जाम लगा दिया। उधर, इस दौरान ईदगाह में दूसरे समुदाय के लोग भी जमा हो गए थे। बाद में अफसरों के पहुंचने पर जाम खोल दिया गया।
नामनेर में पिछले साल सांप्रदायिक बवाल हुआ था। इसकी रिपोर्ट हृदेश शर्मा के भतीजे अभिषेक शर्मा ने दर्ज कराई थी। हृदेश शर्मा इसमें गवाह हैं। उनकी जल्द ही कोर्ट में गवाही होनी है। आरोप है कि मामले में आरोपी शौकत, जमील, चमन, सलमान और चार-पांच अन्य मंगलवार सुबह हृदेश के पास मंदिर में पहुंचे।
हृदेश शर्मा का कहना है कि उनके हाथों में तलवार, हॉकी, डंडे और चाकू थे। उन्होंने धमकी दी कि अगर गवाही दी तो जान से जाना होगा। बकौल हृदेश, उन्होंने कहा कि वह गवाही जरूर देंगे, इसी पर वे हमले पर उतारू हो गए। उनके साथ हद दर्जे की बदसलूकी की, उनकी पिटाई की गई। मंदिर में लूटपाट भी की गई।
वह जब रकाबगंज थाना पहुंचे तो पुलिस ने उल्टा उन्हें ही सुनाना शुरू कर दिया। उधर इसका पता चलने पर हिन्दु संगठनों के कार्यकर्ता एकत्र हो गए। उन्होंने नामनेर चौराहा पर जाम लगा दिया। सदर सर्किल की फोर्स वहां लगानी पड़ी। सीओ सदर और सीओ छत्ता भी पहुंचे। प्रदर्शनकारी इंस्पेक्टर रकाबगंज के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि महंत की पिटाई के मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। तब जाकर बवाल थमा। इसके थोड़ी देर बाद ही पुलिस ने जमील और चमन को हिरासत में ले लिया। उधर, इस दौरान ईदगाह में दूसरे समुदाय के लोग भी जमा हो गए थे। इसके चलते तनाव के हालात बन गए।
30 के खिलाफ एफआईआर
आगरा।
जाम लगाने के मामले में पुलिस ने 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। कुछ लोग नामजद भी हैं। इनमें अभिषेक शर्मा, शुभम सोनी शामिल हैं। पुलिस ने इनकी तलाश भी शुरू कर दी है।