जवाहर बाग में कब्जा जमाए लोगों को हटाने में प्रशासन और पुलिस की रणनीति के तहत रसद पहुंचाने में मदद करने वालों की पहचान कर ली गई है। अब इनके खिलाफ कार्रवाई की योजना बनाई गई है। रसद पहुंचाने वालों को चिह्नित कर संबंधित जिलों के डीएम और पुलिस अधिकारियों को अवगत कराया गया है।
जवाहर बाग में ढाई साल से कब्जा जमाए लोगों को हटाने में 20 दिन पूर्व से बिजली आपूर्ति बंद होने के बाद अब पूरे तरीके से रसद बंद करने पर काम किया जा रहा है। प्रशासन और पुलिस ने 40 से अधिक ऐसे लोग चिह्नित किए हैं जो कब्जाधारियों को रसद और अन्य समान पहुंचाने में मदद कर रहे थे।
इसमें कन्नौज, हरिद्वार, बिधूना, रामपुर, सूरजपुर और पूर्वांचल के जिलों के लोग हैं। प्रशासन की नजर में ये लोग कब्जाधारियाें को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से मददगार हैं। इन लोगों की सूची लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने उन जिलों के डीएम से इन्हें चिह्नित कराने और पुलिस अधिकारियों से इनकी जांच कराने को कहा गया है। इसके अलावा जवाहर बाग के आसपास तैनात पुलिस बल और अधिकारियों को निगरानी तेज करने को कहा गया है।
दो मददगार पकड़े, पूछताछ
जवाहर बाग में जमे कब्जाधारियों को रसद और अन्य मामलों में मददगार बने दो लोग थाना गोविंद नगर क्षेत्र के रहने वाले हैं। इन्हें पकड़ लिया गया है। एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी ने बताया कि पकड़े गए दोनों लोगों से पूछताछ की जा रही है। बताया कि राया में पकड़े गए सुभाष सेना के लोग मथुरा जवाहर बाग आने के प्रयास में थे।
संघर्ष समिति 26 को निकालेगी रैली
जवाहर बाग को खाली कराने के लिए जवाहर बाग संघर्ष समिति के लोग 26 मई को विकास बाजार से कलक्ट्रेट तक रैली निकालेंगे। समिति के जगदीश प्रसाद कौशिक, गिरिराज प्रसाद वशिष्ठ सहित अन्य पदाधिकारियों ने यह जानकारी दी।
लेखपाल आज से क्रमिक अनशन पर
जवाहर बाग प्रकरण में आंदोलनरत रहे लेखपाल संघ पर प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। इस मामले में संघ के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह को आरोप पत्र थमा दिया गया है। इसके खिलाफ मंगलवार से लेखपाल संघ क्रमिक अनशन शुरू करेगा।
जवाहर बाग में 2014 में डाला था डेरा
मध्य प्रदेश के सागर से शुरू यात्रा के यात्रियों ने मार्च 2014 में मथुरा पहुंचकर जवाहर बाग में डेरा डाला था। इसमें बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड और मध्य प्रदेश के लोग शामिल थे। कुछ ही दिनों के बाद इन लोगों की संख्या बढ़ने लगी।
इसी के साथ इन लोगों ने उद्यान विभाग के कर्मचारियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों पर भी हमला बोल दिया। पिछले दिनों सदर तहसील में अधिवक्ता, लेखपाल और वादकारियों पर हमला कर दिया। अब तक इनके खिलाफ एक दर्जन रिपोर्ट दर्ज हो चुकी हैं।