जवाहर बाग से मिला रॉकेट लॉन्चर
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जवाहरबाग हिंसा के 73 आरोपी सोमवार को अपर सत्र न्यायालय में पेश हुए। इसमें चंदन बोस, पूनम बोस, वीरेश, राकेश सहित 53 आरोपी मथुरा जेल से और 20 अलीगढ़ की जेल से लाए गए। मामले में न्यायालय ने सुनवाई के लिए अगली तिथि नियत कर दी है।
जवाहर बाग हिंसा में एसपी और एसओ सहित 29 लोग मारे गए थे। मामले में चंदन बोस, वीरेश, राकेश सहित 98 लोग मथुरा, आगरा और अलीगढ़ की जेल में बंद हैं। सोमवार को मथुरा की जेल से चंदन बोस, उसकी पत्नी पूनम बोस, वीरेश, राकेश, अमित सहित कुल 53 आरोपी, अलीगढ़ की जेल से 20 आरोपी अपर सत्र न्यायालय षष्ठम महेंद्र नाथ की अदालत में पेश हुए।
अधिवक्ता एलके गौतम ने बताया कि इसी मामले में आगरा से भी 25 आरोपियों को लाया जाना था लेकिन वो नहीं आ सके। मामले में न्यायालय ने 29 मई की तिथि नियत कर दी है।
पुलिस पेश नहीं कर सकी डीएनए रिपोर्ट
रामसुमिरन और रामवृक्ष यादव, उसके साथियों के बीच पैट्रोल पंप पर हुए झगड़े के मामले में पुलिस सोमवार को न्यायालय में रामवृक्ष की मौत का वैज्ञानिक आधार (डीएनए रिपोर्ट) पेश नहीं कर सकी। गौरतलब है कि इस मामले में पुलिस ने न्यायालय को बताया था कि रामवृक्ष यादव की जवाहरबाग हिंसा में मौत हो चुकी है। इस पर न्यायालय ने पुलिस को डीएनए रिपोर्ट पेश करने को कहा था। मामले में सोमवार को न्यायालय में पुलिस को रिपोर्ट पेश करनी थी।