हैलो... डीएम बोल रहे हैं.. मैं बुलंदशहर के अनूपनगर का विधायक संजय शर्मा हूं..। मेरा बेटा फैजाबाद जा रहा है, उसके रहने, खाने व घूमने की व्यवस्था करा देना। ध्यान रखना उसे कोई दिक्कत न हो..। यह बातें बीते रविवार को डीएम विवेक को फोन पर कहकर सर्किट हाउस में कमरा बुक कराया गया।
मगर कोई फैक्स न आने के बाद जब विधायक को डीएम ने खुद फोन किया तो असलियत सामने आ गई। विधायक संजय शर्मा ने फोन करने से ही इंकार कर दिया। इसके बाद देर रात कमरे से तीन लोगों को पुलिस उठाकर नगर कोतवाली लाई और चौकीदार की तहरीर पर धोखाधड़ी के आरोप में जेल भेज दिया।
नगर कोतवाली क्षेत्र में स्थित सर्किट हाउस की बुकिंग मंत्रियों-जनप्रतिनिधियों व शीर्ष अफसरों के लिए डीएम की ओर से नामित नगर मजिस्ट्रेट करते हैं। कमरे बुक कराने को लेकर सपा सरकार में दबंगई के मामले तो कई सामने आए, लेकिन फर्जी तरीके से बुकिंग कराने की हिम्मत कभी किसी ने नहीं दिखाई।
मगर रविवार को सीधे डीएम को फोन कर भाजपा विधायक के नाम पर धौंस दी गई और कमरे बुक करा लिए गए। डीएम विवेक ने बताया कि रविवार को मेरे सीयूजी नंबर पर किसी ने खुद को विधायक संजय शर्मा बताकर फोन किया।
कहा गया कि मेरा बेटा फैजाबाद जा रहा है, उसके रहने, खाने और घूमने की व्यवस्था करा देना। फिर उसने कहा कि आप मिश्रा जी बोल रहे हैं, तो मैंने जवाब दिया कि नहीं, योगेश्वर राम मिश्रा तो डेढ़ साल पहले ही स्थानांतरित हो गए।
तब फोन करने वाले ने कहा कि मेरे उनसे घनिष्ठ संबंध थे। फिलहाल आप सारी व्यवस्था करा देना। डीएम ने कहा कि मैंने उनसे फैक्स भेजने को कहा, तो उनकी ओर से कहा गया कि मैंने फैक्स पहले ही कर दिया है। मगर स्टेनो से पता कराया तो कोई फैक्स नहीं आया था।
रात में सर्किट हाउस में तीन लोग विधायक का नाम बताकर आए और चौकीदार से कमरा ले लिए। डीएम ने कहा कि सरकार के स्पष्ट आदेश हैं कि अधिकृत व्यक्ति को ही सर्किट हाउस की सुविधाएं मिले, इसलिए डीएम बुलंदशहर से बात की गई और उनसे अनूपनगर क्षेत्र के विधायक संजय शर्मा का मोबाइल नंबर लेकर फोन किया।
तब असलियत सामने आई। विधायक ने किसी तरह के फोन करने से इंकार कर दिया और कहा कि मेरा कोई बेटा फैजाबाद नहीं गया है। इसके बाद एसडीएम सदर व तहसीलदार के साथ पुलिस टीम को सर्किट हाउस भेजकर जांच कराई गई।
नगर कोतवाल एके राय ने बताया कि जांच में पाया गया कि कार से आए तीन लोग देवेंद्र शर्मा, मयंक शर्मा और मनोज कुमार कमरे में थे। मयंक बुलंदशहर व बाकी गाजियाबाद के निवासी हैं। मयंक ने बताया कि वह विधायक संजय शर्मा का बेटा है, चौकीदार को विधायक के नाम का कमरा बता तीनों ने ताला खुलवाया था।
पूछताछ में मयंक ने बताया कि वह एक फार्मा कंपनी में काम करता है, सोमवार को एक होटल में मीटिंग थी। फर्जीवाड़े के तीनों आरोपियों को चौकीदार परमदेव तिवारी की तहरीर पर केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। उधर, आरोपी मयंक ने बताया कि विधायक जी के मेरे पापा दोस्त हैं।
फोन विधायक जी के यहां से उनके लड़के ने किया था। हम लोग पहली बार गए तो वहां कमरा बुक न होने की बात कह तहसीलदार ने लौटा दिया। थोड़ी देर में ही तहसीलदार का फोन आया कि आइए आप लोगों को कमरा मिल जाएगा। फिर रात 11 बजे अचानक पुलिस के साथ आए तहसीलदार ने हमें गिरफ्तार करा दिया।