आपरेशन जवाहर बाग के दौरान शहीद एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी को छोड़कर भागने वाले पुलिस अधिकारी और हमराह पर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है जबकि घटना को एक महीने से भी अधिक का वक्त हो गया है। एसपी क्राइम जांच कर रहे हैं। लेकिन यह जांच कब पूरी होगी इसका जवाब न तो पुलिस कप्तान पर है और न ही दूसरे अधिकारियों पर।
जवाहर बाग में दो जून को हुई हिंसा में शहीद एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी पर कब्जाधारियों ने हमला कर दिया था। जिस वक्त भीड़ ने उन्हें घेरा था तब पुलिस के कई अधिकारी वहां मौजूद थे। लेकिन एसपी सिटी को घिरता देख सभी भाग गए थे।
डीजीपी तक भी यह मामला पहुंचा था। पूरे मामले की जांच भी शुरू कराई गई थी। आपरेशन जवाहर बाग में शामिल रहने वाले सभी पुलिस अधिकारियों के बयान हो चुके हैं। हमराह भी अपना पक्ष रख चुके हैं लेकिन नतीजा अभी तक कुछ नहीं निकला। लोग इस पर सवाल उठा रहे हैं कि या तो पुलिस अधिकारी भागने वाले अफसरों को बचाने में लग गए हैं या फिर कार्रवाई करना ही नहीं चाहते हैं।
शहीद एसपी सिटी के परिवार वाले भी लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं। फेसबुक पर चल रहे जस्टिस फॉर मुकुल पर ही 200 से ज्यादा कमेंट्स अब तक आ चुके हैं। जिसमें कहा जा रहा है कि ऐसे पुलिस अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। लेकिन पुलिस अधिकारी फिर भी चुप्पी साधे हैं। एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि इस मामले में जांच पूरी हो चुकी है। जल्दी ही रिपोर्ट बनाकर आला अफसरों को भेज दी जाएगी।