छह महीने पहले संदिग्ध अवस्था में मरे सैनिक की पत्नी को मारने आए तीन बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया जबकि दो भाग गए। पुलिस का कहना है कि महिला की हत्या उसका जेठ कराना चाहता था। आठ लाख की सुपारी दी थी।
चौमुंहा के मुहल्ला माहरुफ निवासी पीतांबर उर्फ पीतम सिंह सेना में थे। छह महीने पहले गंगानगर राजस्थान में नर्सिंग असिस्टेंट के पद पर तैनाती के दौरान संदिग्ध परिस्थिति में उनकी मौत हो गई थी। मौत के बाद पीतम सिंह की पत्नी मायके चली गईं। तब से वह वहीं रह रही हैं।
इसे लेकर ही विवाद चला आ रहा है। बुधवार को स्वाट टीम ने जब चौमुंहा निवासी रामवीर, तेजपाल और मोनू शर्मा को गिरफ्तार किया तो नया खुलासा हो गया। स्वाट टीम प्रभारी हरीशवर्धन सिंह ने बताया कि पूछताछ में जो पता चला है उसके मुताबिक मृतक फौजी पीतांबर उर्फ प्रीतम की पत्नी राधा को 40 लाख रुपये मिलने थे।
इस धनराशि पर जेठ तोता की नीयत खराब हो गई। अपने भाई की पत्नी को मौत के घाट उतारने के लिए उसे आठ लाख की सुपारी दी थी। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से लूटी गई बाइक बरामद हुई हैं। फरार बदमाशों में चौमुंहा निवासी हरिओम, और वृंदावन का अनिल उर्फ टोंटा है।