पश्चिम बंगाल से एक साल पहले लाई गई किशोरी को पुलिस ने गौरानगर क्षेत्र से बरामद कर लिया है। बाल कल्याण समिति मथुरा एवं चाइल्ड लाइन मथुरा के पदाधिकारियों ने उसे नारी निकेतन भेज दिया।
बाल कल्याण समिति की सदस्य प्रतिभा शर्मा एडवोकेट के अनुसार एक साल पहले पश्चिम बंगाल निवासी श्यामल दास ने अपनी लड़की की गुमशुदगी पश्चिम बंगाल के जिला चौबीस परगना के थाना कारसू कौरद्वीप में दर्ज कराई थी।
जांच के बाद यह मामला पुलिस ने स्थानीय मानव तस्करी विभाग को रेफर कर दिया। वहीं विभागीय अधिकारियों ने किशोरी की खोजबीन के लिए जस्टिस बेनचर इंटरनेशनल प्रोजेक्ट को सौंप दिया। मामले में कार्रवाई कर रहे अधिकारियों को किशोरी की लोकेशन वृंदावन में मिली।
सोमवार को प्रोजेक्ट के पदाधिकारी लड़की की तलाश में बाल कल्याण समिति मथुरा के पदाधिकारियों से मिले। बीते दिनों किशोरी के पास आई मां के बताए बयान के बाद पुलिस के सहयोग से वृंदावन के गौरानगर क्षेत्र में मंगलवार को छापामार कार्रवाई करते हुए किशोरी को बरामद कर लिया गया।
प्रतिभा शर्मा ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि किशोरी को एक साल पहले मूलचंद्र बाबा नामक व्यक्ति वृंदावन लेकर आया था और गौरा नगर क्षेत्र में शादीशुदा व्यक्ति से उसका विवाह करा दिया। तभी से यह किशोरी उसी व्यक्ति के साथ वैवाहिक जीवन व्यतीत कर रही थी।
उनका कहना है कि बरामदगी के बाद विवाहित किशोरी कभी अपने पिता और कभी अपने पति के साथ रहने की बात कर रही है। बार-बार बयान बदलने के कारण उसे नारी निकेतन मथुरा भेज दिया है। आगे की कार्रवाई न्यायालय में मामले को पेश करने के बाद तय होगी।