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यूं ही नहीं उठाया छात्रा ने आत्मघाती कदम

Tue, 23 Feb 2016 11:03 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा/वृंदावन
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धर्म की नगरी में यह अधर्म नई बात नहीं है। भरे बाजार तो कभी अकेले में बेटियों से छेड़छाड़ की वारदात लगातार हो रही हैं। इनको नजरअंदाज करना ऐसी घटनाओं के लिए बढ़ावा है। कई मामलों में पुलिस की भूमिका भी संदेह के घेरे में रहती है। यही कारण है कि परिवारीजन पुलिस के पास जाने से पहले कई बार सोचते हैं।
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नतीजा बेटियां अपनी अस्मिता बचाने के लिए आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो जाती हैं। मंगलवार को भी हालात शायद ऐसे ही हो चुके थे।    
 राजाबाबू और मोहन की हरकतों की शिकायत लड़की के चाचा ने दोनों के घरवालों से की थी। पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने की चेतावनी पर आरोपियों के घरवालों ने उन्हें ही उल्टा धमका दिया। भयवश परिवारीजनों ने भी चुप्पी साध ली। शोहदों का आतंक इतना था कि छात्रा के घर में अकेले रह जाने पर परिवारीजन बाहर से ताला लगा गए थे।

लोगों का कहना था कि पुलिस को शोहदों की हरकत की जानकारी दे दी गई होती तो शायद घटना न होती लेकिन नगर में शोहदों के हौसले इतने बुलंद हैं कि पुलिस की कार्यप्रणाली भी संदेह में रहती है। स्कूल जाती छात्राओं और बाजारों में महिलाओं के साथ छींटाकशी और छेड़छाड़ की घटनाएं आम हो गई हैं।
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बीते जनवरी महीने में घर अकेली किशोरी को पड़ोसी युवक ने बुरी नियत से पकड़ लिया था और उसके कपड़े फाड़ दिए। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे परिवारीजनों को देखकर युवक भाग गया और मामले में लीपापोती कर पुलिस ने युवक को छोड़ दिया। परिक्रमा मार्ग में विदेशी महिला के साथ हुई छेड़छाड़ की घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई से लोग संतुष्ट नहीं हुए। कालेज से घर जाती शिक्षिका के साथ गौतमपाड़ा में एक युवक ने जबरन पकड़कर बदसलूकी की। इस मामले को भी पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया।

हाल ही में मथुरा के सदर क्षेत्र की घटना तो और भी भयावह है जिसमें छेड़खानी के विरोध पर 11वीं की छात्रा पर युवक ने केरोसिन डालकर आग लगा दी थी। आग से झुलसी किशोरी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। पुलिस ने चार दिन बाद आरोपी पदम सिंह उर्फ भोला को गिरफ्तार कर जेल भेजा।


शराब के  ठेके बने शोहदों के अड्डे
सुनरख गांव में शराब के ठेके को बंद करने की मांग काफी समय से उठती रही है। ये ठेका असामाजिक तत्वों का केंद्र बन चुका है। वृंदावन और निकटवर्ती गांवों के बीच संपर्क मार्ग होने के चलते यहां से छात्राओं का आना-जाना रहता है। ऐसे में शोहदे यहां जमा होकर छात्राओं पर फब्तियां कसते हैं। कई बार विरोध के बाद भी प्रशासन ने ठेके को बंद करने की कार्रवाई नहीं की है।
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