अपर सत्र न्यायाधीश लाल बहादुर ने दहेज के लिए हत्या के मामले में दोष सिद्ध होने पर पति, देवर और सास सहित चार लोगों को उम्र कैद की सजा सुनाई है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता नंद कुमार तिवारी के अनुसार वादी लाखन सिंह निवासी थाना हाईवे ने तहरीर दी थी कि उन्होंने अपनी बेटी कमलेश और विमलेश (विम्मो) की शादी गांव सलेमपुर थाना हाईवे निवासी वीरो और भूपेंद्र के साथ की थी।
शादी में सामर्थ्य के अनुसार दहेज भी दिया लेकिन ससुरालीजन इससे संतुष्ट नहीं हुए और लगातार उनकी बेटियों से मोटरसाइकिल की मांग करते रहे।
तीन सितंबर 2008 को ससुरालीजनों ने उनकी बेटी विम्मो की गला दबाया और मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। मामले में अपर सत्र न्यायायाल-तृतीय में गवाह और सबूत पेश किए गए।
अधिवक्ताओं ने अपने तर्क रखे। न्यायधीश लाल बहादुर ने मामले में दोषी पाए गए भूपेंद्र, वीरो, सास नारंगी देवी और अजयपाल शर्मा को उम्रकैद व जुर्माने की सजा सुनाई है।