गांव जतीपुरा में पुलिस से डर कर कुएं में कूदे बग्गीचालक की मौत के बाद एसएसपी ने मामले में दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया। पूरी रात चले हंगामे के बाद दोनों सिपाही और दो बैंडमास्टरों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई। इसके बाद ही ग्रामीण तड़के पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए।
पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही पुलिस शव लेकर गांव पहुंची तो ग्रामीणों ने शव रखकर जाम लगा दिया और नकद मुआवजे की मांग करने लगे।
सोमवार शाम को गांव जतीपुरा में बारात चढ़ने के दौरान बैंड मास्टर और बग्गी चालक जतीपुरा निवासी जीवन पुत्र बच्चू के बीच विवाद हो गया था। सूचना पर थाना गोवर्धन के चेतक दस्ते के दो सिपाही रविन्द्र और गोविंद मौके पर पहुंचे थे। पुलिस को देख अंधेरी गली में भागे जीवन की कुएं में गिरने से मौत हो गई।
कुएं से शव बाहर आने के बाद गांववासियों ने रात भर नगद मुआवजा, पट्टा क्वार्टर आदि की मांग करते हुए परिक्रमा मार्ग को जाम कर दिया। एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसडीएम सदर राजेश कु मार ने 10 लाख सहायता राशि, पट्टे पर प्लाट देने और दोनों सिपाहियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन दिया तब जाकर तड़के तीन बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।
सुबह 11 बजे जब पुलिस शव लेकर जतीपुरा आई तो ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर डेढ़ घंटे तक मार्ग जाम किया। ग्रामीण नकद मुआवजे की मांग करने लगे। इस पर एसपी सिटी, एसडीएम सदर और रालोद के दीपक चौधरी व मुकेश सिकरवार सहित अन्य नेताओं ने समझाकर जाम खुलवाया और अंतिम संस्कार के लिए राजी किया। पुलिस सुरक्षा में जीवन का अंतिम संस्कार हो गया।
बग्गी चालक की हत्या के मामले में दो सिपाही और बैंड मास्टर सहित चार लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। सिपाहियों पर लगे आरोपों की जांच कराई जाएगी।
डा. राकेश सिंह
एसएसपी