राजकीय रेलवे पुलिस के पांच जवानों पर आखिरकार गेस्ट हाउस कांड में कार्रवाई हो ही गई। जीआरपी के जवानों ने ट्रेन से मथुरा घूमने आए छह युवकों को पकड़ लिया था फिर झूठे आरोप में फंसाने का भय दिखाते हुए युवकों को एक गेस्ट हाउस में ले लाकर बंधक बना लिया था। मीडिया को इसकी भनक लगने के बाद सिपाही वहां से भाग खडे़ हुए थे।
पांच अगस्त को जीआरपी के सिपाहियों ने बाहर से घूमने आए छह युवकों को धौलीप्याऊ स्थित एक गेस्ट हाउस में बंधक बना लिया था। इसके बाद उन्हें झूठे केस में फंसाने का भय दिखाकर छोड़ने की एवज में लाखों रुपये में सौदा भी तय हो गया। इसकी जानकारी मिलने पर मीडिया भी मौके पर पहुंच गई। इस पर सिपाही ने युवकों को ऑटो में बैठाकर वहां से निकाल दिया। इसके बाद खुद भी भाग निकले।
जीआरपी के सिपाहियाें के इस उगाही के खेल का खुलासा करते हुए ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद उच्चाधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी। अब मामले में आरोपी पांच सिपाहियों का तबादला अलग-अलग जनपदों में जीआरपी अनुभाग में ही कर दिया गया है। इनमें सिपाही अमित कुमार का फतेहगढ़, रामनिवास का दादरी, अमित कुमार का खुर्जा, मंगेश का हाथरस और एक अन्य अमित कुमार का कायमगंज के लिए स्थानांतरण किया गया है।
जीआरपी प्रभारी पूरन सिंह चौहान ने बताया कि सिपाहियों की शिकायत उच्चाधिकारियों तक पहुंची थी। इसके बाद सिपाहियों का स्थानांतरण अन्य जनपदों में जीआरपी में कर दिया गया है।