राधारानी के बरसाना ताबड़तोड़ फायरिंग से दहल गया। यहां मानमंदिर की माताजी गोशाला में घुसकर लुटेरे ने गोसेवक की गोली मारकर हत्या कर दी। फायरिंग की आवाज सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने भी मोर्चा संभाल लिया। इसके बाद आधे घंटे तक लुटेरों और ग्रामीणों की बीच गोलियां चलती रहीं।
सूचना पर बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंचने पर लुटेरे भागे और हालात काबू में आए। बरसाना क्षेत्र के गांव मानगढ़ में ब्रज के विरक्त संत रमेश बाबा की माताजी नाम से ये गोशाला है। गोशाला में 25 हजार से अधिक गाय हैं।
माताजी गोशाला के निकट के गांव ढभाला के रहने वाले पशु लुटेरे आए दिन गोशाला की तार फेंसिंग काटकर गायों को हांक ले जाते हैं। गोशाला कर्मचारियों से उनका कई बार टकराव हो चुका है। शनिवार को अपराह्न तीन बजे गांव ढभाला के युवक लखन और गोशाला कर्मचारियों के बीच इसी को लेकर मारपीट हो गई थी।
मानगढ़ के ग्रामीणों और मानमंदिर के लोगों ने दोनों पक्षों में सुलह करा दी। लेकिन जाते-जाते लखन यह कहता गया कि छोड़ेंगे नहीं।
थोड़ी देर बाद युवक लखन अपने एक साथी संग बाइक पर लौटा और गोशाला में घुसकर कर्मचारियों को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली गोसेवक बनवारी (32) पुत्र जोधासिंह को लगी। उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
इसके बाद तीन दर्जन से अधिक लोग राधारानी पहाड़ी पर चढ़ गए और गोशाला पर फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग से गौशाला कर्मचारियों और मान मंदिर में रह रहे संत-महंतों में भगदड़ मच गई। फायरिंग की आवाज सुनकर मानगढ़ के ग्रामीण भी जुट गए और जवाबी फायरिंग की। आधे घंटे तक दोनों ओर से फायरिंग होती रही।
सूचना पर बरसाना पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन पुलिसकर्मी भी जीप की ओट लेकर बचते रहे। बाद में सीओ छाता अतुल श्रीवास्तव, एसपी देहात अजय कुमार के अलावा कोसीकलां, गोवर्धन, छाता पुलिस मौके पर पहुंची तब जाकर हालात काबू में आए। इधर मानगढ़ के लोगों ने बनवारी का शव नहीं उठने दिया। अधिकारियों के समझाने और मुआवजा राशि दिलाने के आश्वासन पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।