दौसेरस गांव गुरुवार शाम को गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। टटलुओं और पुलिस के बीच करीब एक घंटे तक फायरिंग हुई। हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है लेकिन आसपास के इलाके में दहशत फैली रही। पुलिस ने पूरे गांव में सर्च आपरेशन चलाया। 50 से भी अधिक लोग उठा लिए हैं। देर शाम तक पुलिस के आला अफसर गांव में कैंप किए हुए थे।
गुरुवार को दोपहर बाद दौसेरस गांव में 16 वांछित टटलुओं के घरों की कुर्की करके लौटी गोवर्धन पुलिस को सूचना मिली कि गांव के बाहर पोखर के किनारे टटलु इकट्ठा हैं। इस पर गोवर्धन थानाध्यक्ष कमलेश कुमार पुलिस बल लेकर पोखर के पास पहुंच गए। पुलिस को देख यहां मौजूद टटलुओं ने गोली चला दी। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। शाम ढले फायरिंग से इलाके में दहशत फैल गई। कंट्रोल रूम से मैसेज पास होते ही आसपास के थानों का फोर्स भी गांव में पहुंच गया।
फोर्स ने पूरे गांव को घेर लिया। एसएसपी मोहित गुप्ता भी अधिकारियों के साथ पहुंच गए थे। फोर्स बढ़ने पर टटलू चकमा देकर निकल भागे। बाद में पुलिस ने गांव में कांबिंग कराई। एक-एक घर को चेक किया गया। हालांकि कोई बदमाश हाथ नहीं लगा लेकिन पुलिस ने 50 से भी ज्यादा लोगों को उठा लिया है। देर शाम तक गांव में पुलिस आपरेशन चलाती रही। जंगल में भी चेकिंग की गई लेकिन किसी के पकड़े जाने की खबर देर शाम तक नहीं थी।
घरों की कुर्की होने से बौखला गए टटलू
गुरुवार को पुलिस ने 16 वांछित टटलुओं के घरों की कुर्की की थी। पुलिस ने इनके घरों का सामान जब्त कर लिया था। इससे टटलू बौखला गए और एकजुट होकर पुलिस पर हमला किया गया। इनका मकसद दहशत फैलाना था ताकि पुलिस आगे इस प्रकार की कार्रवाई न कर सके। गोवर्धन का दौसेरस गांव क्राइम प्वाइंट के रूप में जाना जाता है। पुलिस के रिकार्ड के मुताबिक इस गांव में 100 से भी ज्यादा टटलू हैं। इन लोगों के जाल में बड़े बड़े कारोबारी फंस चुके हैं। यह लोग बड़े कारोबारियों को भी झांसा दे चुके हैं। पहले सोने की ईंट बेचने का झांसा देकर बड़े ज्वैलर्स को भी लूट चुके हैं।
ज्वैलर्स को ईंट खरीदने के लिए बुलाया और उससे नगदी छीनकर भगा देते हैं। पिछले दिनों पंजाब के कारोबारियों को सोलर लाइट लगवाने के लिए बुलाया था। साइट देखने पहुंचे कारोबारी से नगदी लूट ली थी। इस प्रकार की कोई एक घटना नहीं बल्कि हर रोज इस प्रकार के मामले पढ़े और लिखे जाते हैं। अब तो पुलिस ने भी सोशल मीडिया के जरिए लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया है। बाकायदा पैंफलेट बांटे जा रहे हैं। जगह जगह होर्डिंग्स लगाए गए हैं जिन पर लिखा गया है कि टटलुओं से सावधान रहें। लेकिन फिर भी लोग इनके जाल में फंस ही जाते हैं। बताया जाता है कि पिछले कुछ दिनों से पुलिस टटलुओं पर शिकंजा कस रही है। दबिश दी जा रही है। मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। इससे टटलु बौखला गए हैं। एसपी देहात अरुण कुमार सिंह ने बताया कि टटलुओं के खिलाफ 50 से भी ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं।
इन राज्यों के लोग हुए शिकार
उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, मध्यप्रदेश, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र