एक माह पूर्व हुई हत्या का पुलिस ने किया खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार
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करीब एक माह पहले हुई वेटरनेरी विवि कैंपस निवासी युवक की हत्या का गुरुवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। मामले में पुलिस ने भाजपा नेता, उसके भाई और एक अन्य को मथुरा से गिरफ्तार किया है। पहले इनसे पूछताछ की जा रही थी। हत्या में शामिल एक युवती और हिस्ट्रीशीटर की तलाश की जा रही है।
वृंदावन कोतवाली में गुरुवार को पत्रकार वार्ता में एसपी सिटी अशोक कुमार ने बताया कि चार मार्च को जैंत चौकी क्षेत्र के पारसमणि हास्पिटल के समीप हाईवे पर मथुरा के वेटरनेरी विश्वविद्यालय कैंपस निवासी संजीव सारस्वत का शव मिला था। शव की शिनाख्त न होने के कारण मृतक का अज्ञात में अंतिम संस्कार करा दिया। 18 मार्च को शिनाख्त संजीव सारस्वत के रूप में हुई। परिवार वालों ने फोटो, जूते और कपड़े देखकर पहचान कर ली थी। मामले में पुलिस ने अपनी ओर से हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
तीन दिन पहले मथुरा के वेटरनेरी विवि कैंपस निवासी आकाश चौधरी, उसके भाई कन्हैया उर्फ विकास को पूछताछ के लिए उठाया। इसके बाद मोबाइल कॉल और लोकेशन ने हत्या का राज खोल दिया। मामले में पुलिस ने आकाश चौधरी, उसके भाई कन्हैया उर्फ विकास और हत्या के अन्य आरोपी नदीम को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या में शामिल रही एक युवती और युवक फरार हैं। एसपी सिटी अशोक कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि आकाश एबीवीपी का प्रदेश मंत्री रह चुका है। वर्तमान में भाजपा में है या नहीं इसकी जांच की जा रही है।
आन की लड़ाई में मारा गया संजीव
एसपी सिटी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि आकाश की बहिन को मृतक संजीव का भाई बिट्टू बीते साल भगाकर ले गया था। इसके बाद आकाश ने बिट्टू और अपनी बहिन रजनी को मारने की योजना बनाई। आकाश ने इसमें मांट निवासी जिला बदर नदीम, विक्रम ठाकुर के अलावा मथुरा निवासी युवती डॉली उर्फ अंजली गौतम की मदद ली। आरोपियों ने डॉली के माध्यम से पहले संजीव को चंगुल में फंसाया और दो मार्च को दिल्ली जाने से पहले संजीव को ठिकाने पर बुला लिया। यहां संजीव से बिटटू और रजनी के बारे जानकारी मांगी। सही जानकारी न देने पर आकाश, उसके भाई कन्हैया उर्फ विकास, नदीम और विक्रम ठाकुर ने रस्सी से गला घोंटकर संजीव की हत्या कर दी। साक्ष्य मिटाने की खातिर शव को अल्हैपुर में पारसमणि अस्पताल के सामने फेंक दिया।