जनसूचना अधिकार अधिनियम के तहत सूचना मांगने वाले कार्यकर्ताओं को धमकाने अथवा किसी प्रकार का नुकसान पहुंचाने वाले के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। इस मामले में मुख्य सचिव ने सभी एसएसपी को कड़े दिशा निर्देश दिए हैं।
आरटीआई कार्यकर्ताओं के साथ बढ़ रही घटनाओं के चलते न्यायालय समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी करता रहता है। इन कार्यकर्ताओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए पुलिस को निर्देश हैं, लेकिन जब कभी इनके साथ कोई घटना होती है तो पुलिस कानूनी कार्रवाई से पल्ला झाड़ लेती है। इस मामले में आरटीआई कार्यकर्ताओं की संस्था ‘परिवर्तन’ के वरिष्ठ कार्यकर्ता नेत्रपाल शास्त्री ने पुलिस महानिदेशक कार्यालय से तीन बिंदुओं पर सूचनाएं मांगी थीं।
इन सवालों के जवाब देने के लिए मुख्य सूचना आयुक्त ने पुलिस महानिदेशक कार्यालय के जनसूचना अधिकारी बालेंदु भूषण को दिशा निर्देश दिए। जनसूचना अधिकारी ने आठ मार्च 2016 को प्रदेश के सभी डीएम और एसएसपी को जारी पत्र की प्रति उपलब्ध कराई। इसमें स्पष्ट निर्देश हैं कि सूचना का आवेदन करने वाले आवेदकों के विरुद्ध हमले करने अथवा धमकाने वाले तत्वों के विरुद्ध कड़ी कानून कार्रवाई की जाए।