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जवाहर बाग में पुलिस पर हमले की रिपोर्ट

Sat, 24 Jan 2015 12:05 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
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थाना सदर बाजार क्षेत्र में गुरुवार की रात को गेट लगाने की मना करने गई सदर और आसपास के पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों पर सत्याग्रहियों ने मारपीट और हमला कर दिया था।
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मामले में दोनों ओर से फायरिंग भी की गई। सदर थानाध्यक्ष रहे प्रदीप कुमार पांडेय की ओर से सैकड़ों लोगों के खिलाफ मारपीट कर जानलेवा हमला कर घायल करने और 7 क्रिमिनल एक्ट, सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने की रिपोर्ट थाना सदर बाजार में दर्ज कराई गई है।

500 से 3000 तक पहुंचा काफिला
स्वाधीन भारत विधिक सत्याग्रह आंदोलन चलाने वाले एक साल पहले 15 मार्च, 2014 को विभिन्न मांगों को लेकर यात्रा लेकर आए थे। 11 जनवरी, 2014 को सागर मध्यप्रदेश से ये यात्रा शुरू हुई। 15, 16 मार्च को मथुरा के जवाहरबाग में दो दिन का पड़ाव था। इसके बाद उनको आगे राजस्थान, उत्तरांचल, हिमांचल होकर वापस दिल्ली में आकर यात्रा संपन्न करनी थी। लेकिन 16 मार्च के बाद उन्होेंने जवाहरबाग को खाली नहीं किया। आज पूरे जवाहर बाग पर उन्हीं का कब्जा है। करीब 10 माह पहले 500-700 लोगों द्वारा जवाहर बाग में शुरू किए गए सत्याग्रह में अब लोगों की संख्या तीन हजार के आसपास जा पहुंची है। पुरुषों के साथ इसमें महिला और बच्चे भी शामिल हैं। यहां लोग परिवार सहित रह रहे हैं।
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50-60 बीघा जमीन पर सत्याग्रहियों का कब्जा
जवाहर बाग में करीब 50 से 60 बीघा जमीन पर सत्याग्रहियों का कब्जा है। यह स्थान कभी उद्यान विभाग का बेहरीन पार्क हुआ करता था, जो अब पूरी तरह से नष्ट हो चुका है। इसमें आम, बेल और आमला के वृक्ष शामिल हैं। इन वृक्षों से लकड़ियां भी काटी जा रही हैं। यहां स्थापित दोनों नलकूपों पर भी कब्जा जमा लिया गया है।

उद्यान कार्यालय पर लगा ताला
सत्याग्रहियों का जवाहर बाग में कब्जा हो जाने के बाद किसानों का आना-जाना लगभग बंद हो गया है। यहां तक कि कर्मचारियों के साथ सत्याग्रहियों के आए दिन झगडे़ और मारपीट की घटनाओं के कारण कर्मचारियों ने कार्यालय जाना ही बंद कर दिया है। कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लटका रहता है, पिछले गेट का उपयोग कर्मचारी कर रहे हैं।


संतकबीर नगर, बरेली में दर्ज हैं मामले
स्वाधीन भारत विधिक सत्याग्रहियों के खिलाफ संत कबीर नगर में एक और बरेली में मारपीट एवं जानलेवा हमले की एक रिपोर्ट दर्ज है। वहीं मथुरा के थाना सदर बाजार में अब तक पांच रिपोर्ट दर्ज हो चुकी हैं। इसमें हरे पेड़ काटने, बिजली चोरी, उद्यानकर्मियों से मारपीट करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने आदि की पांच रिपोर्ट दर्ज हैं।


बरेली में भी हंगामा कर चुके हैं सत्याग्रही
स्वाधीन भारत विधिक सत्याग्रह आंदोलन चलाने वाले पांच माह पूर्व बरेली में भी जमकर हंगामा कर चुके हैं। 21 सितंबर, 2014 को थाना बारादरी क्षेत्र में स्वाधीन भारत विधिक सत्याग्रह आंदोलन के लोग बाबा जयगुरुदेव को जिंदा बताक र उनका प्रमाण मांगने को लेकर पंचायत कर रहे थे। पुलिस ने रोका तो सत्याग्रही उग्र हो गए थे। बाद में करीब छह गाड़ियों में आए सत्याग्रहियों पर थाने में हमले का आरोप लगाया गया। पुलिस ने कुछ सत्याग्रहियों को मौके पर पकड़ भी लिया था।
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