जिला जेल मेें गैंगवार के बाद कैदियों को शिफ्ट करने में जेल अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं। मावी गैंग के दीपक मीणा को आगरा सेंट्रल जेल के अधिकारियों ने जेल में रखने से इंकार कर दिया। मथुरा के जेलकर्मी शुक्रवार को उसे वापस मथुरा ले आए। 17 जनवरी को जिला जेल में गैंगवार और हाईवे पर शूटआउट के बाद अब मथुरा जिला जेल के खूंखार बंदियों को दूसरी जेल में शिफ्ट किया जा रहा है।
इसी क्रम में शुक्रवार को जेल अधिकारियों ने प्रशासनिक आधार पर जिला जेल में बंद दीपक मीणा उर्फ राइटर को आगरा की सेंट्रल जेल भेजा। सेंट्रल जेल के अधिकारियों ने उसे जेल में रखने से इंकार कर दिया। तर्क दिया गया कि सेंट्रल जेल में पहले से ही राजेश टोंटा गैंग के संजू प्रधान और लॉरेंस बॉस मौजूद हैं। कुछ अन्य साथी भी पहले से उसी जेल में बंद हैं।
इस कारण विरोधी गैंग के खास रहे दीपक मीणा को जेल में रखने के लिए जेल अधीक्षक और अन्य अधिकारियों ने हाथ खड़े कर दिए। बुधवार को संजू प्रधान और लारेंस बॉस को सेेंट्रल जेल आगरा और दीपक वर्मा व राहुल चतुर्वेदी को आगरा जिला जेल में शिफ्ट किया गया था।
टेलर से शार्प शूटर बना दीपक वर्मा
मथुरा। लगभग डेढ़ दशक पहले तक ब्रजेश मावी का शार्प शूटर कहा जाने वाला दीपक वर्मा कन्हैया क्लाथ मार्केट में टेलर की दुकान पर नौकरी करता था। थाना गोविंद नगर के बिरला मंदिर मोहन नगर निवासी दीपक वर्मा वर्ष 2000 में कोतवाली क्षेत्र के आर्यसमाज रोड स्थित एक होटल मालिक की हत्या के आरोप में पकड़ा गया।
जेल से छूटने के बाद उसने बबलू गौतम का दामन थाम लिया और उसके साथ काम करने लगा। इस दौरान वह सटीक निशाना लगाने लगा और शार्प शूटर बन गया। इसके बाद उसने फरह में चांदी लूट, फतेहपुर सीकरी में लूट और भरतपुर में लूट की। सभी मामलों में उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हैं।
चार साल पहले वृंदावन में हुई मुकुट व्यवसाई की हत्या में भी वह बबलू गौतम के साथ नामजद हुआ। बबलू गौतम की हत्या के बाद वह ब्रजेश मावी गैंग में शामिल हो गया। सूत्रों के अनुसार दीपक वर्मा 15 जनवरी को पेशी पर आया था तो उससे गोपाल यादव ने मुलाकात की थी।
वहीं 17 जनवरी को भी पेशी के दौरान गोपाल यादव ने उससे मुलाकात की थी। बताया जाता है दीपक वर्मा ने पेशी के बाद जाने के दौरान शराब भी पी। उसके बाद जाते ही उसने जेल में राजेश टोंटा और उसके लोगों पर फायरिंग कर दी।