खांबरा स्थित चर्च के मुख्य पास्टर अंकुर नरूला पर कातिलाना हमले की वारदात से ईसाई भाईचारे में रोष पनप गया है।
मंगलवार को ईसाई समुदाय के लोगों ने जालंधर-नकोदर हाईवे पर गांव खांबरा के बाहर धरना लगा दिया।
प्रदर्शनकारियों ने टायर फूंककर प्रदर्शन किया और कातिलाना हमला करने वालों की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और मार्ग को खोला गया।
सोमवार रात को पास्टर अंकुर नरूला गांव खांबरा से गुजर रहे थे। इस दौरान करीब 30 युवकों ने नरूला पर हमला कर दिया। उस समय पास्टर नरूला के समर्थक भी उनके साथ थे, जिसके चलते उन्हें बचा लिया गया।
इस हमले में पास्टर नरूला के तीन समर्थक घायल हो गए। यूनाइटेड क्रिश्चियन मूवमेंट के स्टेट प्रेसिडेंट लाल चंद ने बताया शाम के समय पास्टर नरूला कार से चर्च की ओर जा रहे थे।
इस दौरान तीन कारों और बाइकों पर करीब 30 हमलावर ललकारे मारते हुए आ गए। पास्टर की सिक्योरिटी उन्हें फौरन चर्च के अंदर ले गई। इस दौरान चर्च के पास जो सेवादार क्रिकेट खेल रहे थे, उन पर हमला हो गया।
सेवादार 22 साल का डिक्सन, एंथनी और सन्नी डेविड जख्मी हो गए। हमलावर जेन और पोलो कार में आए थे। पुलिस को कारों के नंबर दे दिए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए देर रात खांबड़ा गांव पुलिस छावनी में बदला रहा।
पुलिस ने मामले की संजीदगी को देखकर आरोपियों के खिलाफ कातिलाना हमले का केस दर्ज कर लिया था। फादर पीटर, यूनाइटेड क्रिश्चियन मूवमेंट के उप प्रधान सूरज मसीह और संतोख सिंह ने कहा आए दिन ऐसे हमले हो रहे हैं।
फादर पीटर ने कहा पास्टर अंकुर नरूला पर साजिश के तहत हमला किया गया। अगर फौरन सेवादार बचाव न करते तो हमलावर पास्टर अंकुर की जान को नुकसान हो सकते थे।
एडीसीपी सिटी अमरीक सिंह पवार का कहना है कि पास्टर नरूला पर हमला योजना का हिस्सा नहीं है। पुलिस ने कार नंबर से जांच की तो पाया कि यह कार मक्खू जीरा की तरफ की है और उनका बच्चा मकसूदां कॉलेज में पढ़ कर रहा है।
बात सामने आ रही है कि क्रिकेट खेल रहे युवकों का झगड़ा मकसूदां के कॉलेज के स्टूडेंट से हुआ था, जिसके बाद वहां पर कालेज से कई विद्यार्थी आ गए और वहां पर मारपीट हो गई। इसमें किसी तरह का मामला चर्च पर हमले का या फिर जातीय नहीं है।