छेड़छाड़ के एक मामले में पीड़िता के बयानों को दरकिनार कर सीओ ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी। इस पर न्यायालय ने जांच अधिकारी सीओ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
थाना रिफाइनरी में दर्ज एससी-एसटी और पॉक्सो एक्ट के एक मामले में पीड़िता ने रिपोर्ट दर्ज कराई। पीड़िता ने जांच अधिकारी के समक्ष अपने बयान में कहा कि जब वह स्कूल पढ़ने जाती है तो अभियुक्त योगेश उससे छेड़छाड़ करता है। मामले में न्यायालय के आदेश पर महिला पुलिस ने पीड़िता के बयान की ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग कराई। इसमें भी पीड़िता ने कहा कि वो अब पढ़ाई छोड़ चुकी है लेकिन जब वो पढ़ती थी तो योगेश नाम का लड़का छेड़छाड़ करता था।
इसके अलावा 164 के बयानाें में भी पीड़िता ने सशपथ उक्त बयान को दोहराया। इसके बाद भी जांच अधिकारी सीओ रिफाइनरी कुंवर अनुपम सिंह ने यह बात कहकर केस में फाइनल रिपोर्ट लगा दी कि पीड़िता ने अभियुक्त द्वारा परेशान न किए जाने और कार्रवाई न चाहने की बात कही है।
इस पर अपर सत्र न्यायाधीश नवम (पॉक्सो एक्ट) विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने सीओ रिफाइनरी कुंवर अनुपम सिंह को तलब कर लिया है। न्यायालय की ओर से जारी नोटिस में पूछा गया है कि सभी तथ्यों को नजरअंदाज कर आपके द्वारा अभियुक्त को बचाने के लिए फाइनल रिपोर्ट क्याें लगा दी गई। इस पर 15 दिसंबर को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से हाजिर होकर कारण स्पष्ट करें।