बलदेव के अनुदानित विद्यालय को ध्वस्त करने के मामले में एडीएम कानून व्यवस्था ने एसओ बलदेव को जांच के आदेश दिए हैं। इधर दाऊजी मंदिर के रिसीवर ने विद्यालय प्रधानाचार्य पर श्रीदाऊजी मंदिर के नवीन निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न करने का आरोप लगाया है।
बता दें कि अनुदानित जूनियर हाईस्कूल श्रीहलधर विद्यापीठ की इमारत को ध्वस्त करने की शिकायत प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद पांडेय ने प्रशासनिक अफसरों के साथ डीआईओएस से की थी। प्रधानाचार्य का कहना है कि मंदिर की जमीन को सिविल जज के आदेश पर विद्यालय के नाम दिया गया था। इसके बाद ही विद्यालय को मान्यता मिली और सरकार ने इसे अनुदान देने की स्वीकृति दी। आरोप है कि मंदिर रिसीवर ने अवैध तरीके से विद्यालय भवन को तोड़ा है।
इस मामले में एडीएम कानून व्यवस्था ने एसओ बलदेव को जांच करने और विद्यालय भवन के ध्वस्तीकरण को रोकने के आदेश दिए हैं। वहीं मंदिर रिसीवर का आरोप है कि कुछ वर्षाें से विद्यालय का कथित मैनेजमेंट मंदिर की जमीन और सरकारी ग्रांट को हड़पने का खेल खेल रहा है।
मंदिर के निर्माण कार्य में बाधा पैदा करने के लिए कब्जे की नीयत से स्कूल तोड़ने की बात कही जा रही है। मंदिर प्रबंधन अपने मार्केट की पीछे वाली दुकानों को तोड़कर नवीन निर्माण करा रहा है। पीपर वाली कुंज में हलधर विद्यापीठ संचालित हो रहा है, वह जस की तस सुरक्षित और मूल स्वरूप में है। फिर भी प्रधानाचार्य अनावश्यक दबाव डालकर विद्यालय के बहाने मंदिर की संपत्ति हड़पने की नीयत रख रहे हैं। मंदिर की ओर से विद्यालय को किसी प्रकार नुकसान नहीं पहुंचाया गया है।