बेटी-पत्नी की हत्या कर संघ नेता ने की खुदकुशी
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आर्थिक तंगी के चलते श्रीजी गार्डन कालोनी निवासी इंजीनियर अशोक कुमार सिंह (52) ने पत्नी और बेटी को जहर देकर मारने के बाद खुद भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अशोक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की श्रीजी नगर ईकाई के नगर कार्यवाह थे। उनके बड़े भाई राजकुमार सह प्रांत कार्यवाह हैं।
शुक्रवार की सुबह 6.51 बजे अशोक ने अपने भाई राजकुमार सिंह, दोस्त निरंजन सिंह और रिश्तेदारों के मोबाइल पर मैसेज भेजा। इसमें जिंदगी में लिए गए गलत फैसले, लोगों के धोखे का जिक्र करते हुए पत्नी और बेटी को जहर देने के बाद आत्महत्या करने की जानकारी दी थी।
मैसेज पढ़कर भाई और अन्य लोगों ने फोन किए लेकिन अशोक का मोबाइल बंद था। तब सभी उनके श्रीजी गार्डन आवास पर पहुंचे। दरवाजा तोड़कर ये लोग अंदर घुसे तो देखा एक कमरे में बेड पर उनकी पत्नी नीता सिंह (51) और बेटी आस्था (18) के शव पड़े थे। बेड के ऊपर लगे पंखे से अशोक का शव लटका हुआ था।
अशोक मूलरूप से शेरगढ़ के गांव बसई बुजुर्ग के रहने वाले थे। कई निजी कंपनियों में ऊंचे पदों पर काम कर चुके थे। इन दिनों वह परिवार के साथ अपने बहनोई लाखन सिंह परिहार के मकान में रह रहे थे। अशोक के दो बेटे भी हैं।
बड़ा पीयूष प्रताप सिंह (28) गुड़गांव में मेडिकल टूरिज्म कंपनी में काम करता है। छोटा वैभव प्रताप सिंह नोएडा में बीटेक का छात्र है। बताया जा रहा है कि अशोक ने 10 साल पहले छाता में तीन साझीदारों के साथ मिलकर बिटुमिन फै क्ट्री शुरू की थी।
साझीदारों से अनबन के चलते फैक्ट्री बंद हो गई और उन्हें करीब चालीस लाख रुपये का नुकसान हुआ। पिछले तीन माह से वह फरीदाबाद में एक कंपनी में नौकरी कर रहे थे। वहीं शिफ्ट होने के लिए सामान की पैकिंग भी शुरू कर दी थी। सूचना पर एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी, सीओ रिफाइनरी, हाईवे पुलिस व फील्ड यूनिट के लोग मौके पर पहुंचे।