निर्माण में गड़बड़ी के चलते सड़कें समय से पहले ही उखड़ रही हैं। इसका कारण मिलावटी बिटुमिन का प्रयोग बताया जा रहा है।
मथुरा रिफाइनरी के बिटुमिन प्लांट से रोजाना 160 से लेकर 200 टैंकर बिटुमिन विभिन्न जिलों को जाता है। लोक निर्माण विभाग, आरईएस और अन्य निर्माण इकाई भी रिफाइनरी से बिटुमिन खरीदती हैं।
दशक पहले से काले तेल के खेल में बड़ा रूप ले लिया। काले तेल में विशेष तौर पर प्रयोग होने वाला बिटुमिन कारोबारियों को रिफाइनरी से कामर्शियल रेट पर खरीदना मंहगा पड़ता है।
इसके चलते काले तेल कारोबारी सड़क निर्माता बड़े ठेकेदारों से सस्ते में बिटुमिन खरीदते हैं और ठेकेदार कम तारकोल सड़क निर्माण में लगाते हैं।
इधर काले तेल कारोबारी बिटुमिन को गरम कर उसमें वाहनों के जले हुए मोबिलऑयल को मिला देते हैं और ठेकेदारों को बेच देते हैं। इससे सड़क बनने पर चमकदार दिखाई देती है लेकिन पानी पड़ते ही टूटने लगती हैं।
गोदाम संचालकों पर होगी कार्रवाई
थाना फरह क्षेत्र में काले तेल के गोदाम पर कार्रवाई के बाद सीओ रिफाइनरी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि कार्रवाई के दौरान पकड़े गए छह लोगों में पांच टैंकर चालक थे और सुरेश नाम का व्यक्ति सुपरवाइजर था। असली आरोपी हाथ नहीं लगे।
सुरेश से हुई पूछताछ में गोदाम संचालक इटावा निवासी दलवीर सिंह, धानातेजा रिफाइनरी निवासी हरवीर चौधरी, बरारी निवासी भुवनेश कुमार और छड़गांव निवासी बहादुर सिंह के नाम प्रकाश में आए हैं। सभी के नाम रिपोर्ट में शामिल किए जा रहे हैं। शीघ्र ही गिरफ्तारी की जाएगी।