मेहराना कांड में फांसी के सजायाफ्ता आठ मुजरिमों को जेल प्रशासन ने आगरा की सेंट्रल जेल भेज दिया है। थाना बरसाना के गांव मेहराना निवासी पंचोें ने सन 1991 में गांव में पंचायत कर प्रेमी युगल को सरेआम फांसी पर लटकाया था। मामले में एडीजे सेकेंड कोर्ट ने आठ लोगों को फांसी और 27 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अब यह मामला हाईकोर्ट में है।
पंचों द्वारा लिए गए फैसले के लिए तीन दिन गांव में पंचायत चली थी। युवती सवर्ण और युवक दलित था। मामले में गांव के चौकीदार की सूचना पर बरसाना पुलिस ने क्राइम नंबर 33/91 मेें ऑनर किलिंग के तहत पंचों और पंचायत में मौजूद लोगों के खिलाफ कार्रवाई की थी।
16 नवंबर, 2011 को एडीजे सेकेंड कोर्ट ने गांव के आठ लोगों मेहराना के पंच रहे सिर्री सिंह, कमल सिंह, बच्चू सिंह, तुलाराम सिंह, तेज सिंह, रमन सिंह, करन सिंह और राम सिंह को फ ांसी की सजा सुनाई थी। 27 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। बाकी के लोगों को बरी कर दिया था। मामले में 21 नवंबर, 2011 को हाईकोर्ट में अपील की गई है।
इधर मेहराना के फांसी की सजा पाए आठ और उम्र कैद की सजा पाए 27 लोग जिला जेल में बंद थे। गुरुवार को फांसी की सजा सुनाए गए सभी आठ कैदियों को जेल प्रशासन ने आगरा की सेंट्रल जेल शिफ्ट कर दिया। जेल अधीक्षक पीडी सलोनियां ने बताया कि सभी आठ लोगों को सुरक्षित आगरा की सेंट्रल जेल भेजा गया है।
पीएस शुक्ला होंगे नए जेलर
मथुरा। जिला जेल में हुई गैंगवार के चलते मेरठ से संबद्ध किए गए जेलर राजेश कुमार वर्मा को वापस मेरठ भेज दिया गया। उनके स्थान पर शासन से पीएस शुक्ला को जेलर बनाया है। शुक्रवार की शाम पीएस शुक्ला का तैनाती संबंधी फैक्स जेल प्रशासन को मिला।