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मुजफ्फरनगर जैसी चूक यहां भी पड़ी भारी

Thu, 07 May 2015 12:10 AM IST
दिनेश शर्मा
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बवाल के बाद लगभग पचास परिवार अपने घरों पर ताला लगाकर चले गए।  मुजफ्फरनगर जैसी ही चूक मथुरा में भी दोहराई गई। दो समुदायों से जुड़ी घटना और कस्बा सौंख में पांच दिन से तनाव बरकरार था। बुधवार को पंचायत भी आहूत थी, लेकिन पुलिस की कोई तैयारी नहीं थी। आरोपी के घर दो- दो सिपाही तैनात थे, थाना मगोर्रा के अलावा आस पास के थानों तक से पुलिस नहीं  बुलाई गई। उपद्रवी बेकाबू हो गए और पुलिस उनके सामने पस्त नजर आई।
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सौंख में आरोपी के घर में तो पहले से ही ताला लगा है। बुधवार को हुई तोड़फोड़ के बाद आसपास के घरों में भी उपद्रवी घुस गए और तोड़फोड़ की। करीब 50 परिवार सौंख से अपने घरों में ताले लगाकर चले गए हैं। इन लोगों से पुलिस का भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। एसएसपी जिले में मौजूद नहीं हैं।बवाल के बाद सौंख में भारी संख्या में पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई। अधिकारी गश्त और फ्लैग मार्च करा रहे थे। लेकिन यदि पहले ही पुलिस सतर्क होती तो पंचायत के बाद इतना बड़ा बवाल नहीं हुआ होता।

रविवार को कोसीकलां के निकासा राठौर नगर में युवक-युवती की लोकेशन मिलने पर सौंख पुलिस ने दबिश दी। पुलिस पर भीड़ ने पथराव किया और युवक-युवती को भीड़ छुड़ा ले गई। इसके बाद भी पुलिस नहीं जागी। पुलिस ने बुधवार की पंचायत को भी हल्के में लिया।  युवक  बेकाबू होकर उपद्रव करने लगे तो पुलिस चुपचाप देखती रह गई। पुलिस डरी हुई थी, उसने उपद्रवियों को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया। बस उपद्रवियों के चले जाने के बाद सक्रियता का नाटक किया।  
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डीआईजी बोलीं,  ऐसे थाना चलता है तुम्हारा
पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही और नासमझी से हुए कस्बा सौंख में उपद्रव के बाद पहुंचीं डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने थानाध्यक्ष मगोर्रा की जमकर खबर ली। उन्होंने पुलिस चौकी में पूछा ऐसे चलता है तुम्हारा थाना। पांच दिन से इतने बवाल होने की आशंका को भांप नहीं सके। यहां तक कि पांच दिन में युवक-युवती की लोकेशन तक नहीं पता कर सके। कौन सीओ है तुम्हारा। डीआईजी बोलीं अच्छा तो वह भी इतनी गंभीरता न समझ सके कि पीएसी लगा दी जाए।
बाजार बंदी की सूचना और अल्टीमेटम तो पहले ही मिल गया था। फिर भी धार्मिक स्थलोें की सुरक्षा को पर्याप्त फोर्स नहीं लगाया। बोली जब अपने इलाके के धार्मिक स्थल सुरक्षित नहीं कर पाओगे तो कैसे इंचार्जी करोगे। इस पर थानाध्यक्ष की ओर से कई दलीलें दी गई। इसमें आरोपी युवक का मोबाइल बंद जाने, परिवार के लोगों से संपर्क कर युवती बरामदगी के प्रयास करने आदि कार्रवाही बताई लेकिन डीआईजी ने एक न सुनी। इसके बाद अधिकारियों से भी घटना के बारे में जानकारी ली। सीओ सदर से भी मामले की संवेदनशीलता न समझने को लेकर सवाल जवाब किए।

राजस्थान में ली जा रही टोह
कस्बा सौंख में सांप्रदायिक तनाव होने पर राजस्थान सीमा पार से लोगों के आने को लेकर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। कस्बा सौंख के राजस्थान सीमा से सटे होने के चलते बार्डर पर खासे पुलिस इंतजाम किए हैं और राजस्थान से आने वाले लोगों से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों ने समूचे सौंख कस्बा को चार सेक्टरों में बांट कर पुलिस तैनात कर दी।
कस्बा सौंख राजस्थान सीमा से सटा हुआ है। सौंख के आसपास व राजस्थान में युवती के समुदाय वालों की पाल है। युवती बरामद न होने को लेकर आसपास के पाल के लोगों के आक्रोशित होने और आशंका को लेकर पुलिस अधिकारी परेशान है। पुलिस ने आसपास के गांवों में टोह लेना शुरू कर दिया है। राजस्थान से आने वाले मार्गों पर पुलिस पिकेट लगा दी गई है और लोगों से पूछताछ की जा रही है।

इलाहाबाद भेजी टीम
पुलिस ने आरोपी के भाई के साथ कोसीकलां के निकासा व राठौर नगर मेें दबिश दी थी, लेकिन बाद में वह युवक भी पुलिस के चंगुल से निकल गया। अब पुलिस के पास युवक-युवती तक पहुंचने का माध्यम नहीं बन पा रहा है। अब युवक -युवती की तलाश में पुलिस की एक टीम इलाहाबाद रवाना की गई है। पुलिस को आशंका है कि युवक और युवती दोनों बालिग हैं और वे शादी कर उसे कोर्ट में रजिस्टर करा सकते हैं। इसके लिए वे हाईकोर्ट का सहारा लेंगे। इस आशय से एक टीम को इलाहाबाद भेजा गया है।

छावनी बना दिया सौंख कस्बा
सौंख में धार्मिक स्थल में तोड़फोड़ की घटना के बाद थाना हाइवे, मांट, महावन, वृंदावन, कोतवाली, रिफाइनरी, फरह, गोवर्धन जैंत पुलिस के अलावा एक कंपनी पीएसी, क्यूआरटी फोर्स, एक्शन मोबाइल, व कोबरा टीम आदि तैनात कर दी गई। पुलिस टीम गाड़ियों व गुटों में गश्त करती रही वहीं लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
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