जवाहर बाग मामले में जांच के लिए बुधवार को दिल्ली से केंद्रीय पेट्रोलियम एवं विस्फोटक अन्वेषण विभाग की टीम मथुरा पहुंची। यहां पांच सदस्यीय टीम ने जवाहर बाग का मौका मुआयना किया और नमूने एकत्रित किए। बरामद हथियार और गोला-बारूद को भी देखा।
ढाई साल के कब्जे के दौरान जवाहर बाग में गोला बारूद के साथ बढ़ी मात्रा में हथियारों का जखीरा एकत्रित कर लिया गया था। दो जून की हिंसा के दौरान कब्जाधारियों ने इनका उपयोग भी किया। कब्जा मुक्त होने के बाद पुलिस के सर्च आपरेशन में इस क्षेत्र से बड़ी संख्या में हथियार और कारतूस बरामद भी किए गए हैं। पुलिस ने जवाहर बाग से राकेट लांचर जैसी वस्तु भी बरामद की थी। इन स्थितियों को देखते हुए केंद्रीय जांच टीम इन लोगों के नक्सली लिंक पर भी काम कर रही है।
बुधवार को केंद्रीय पेट्रोलियम एवं विस्फोटक अन्वेषण विभाग की टीम दिल्ली से मथुरा पहुंची। पांच सदस्यीय विशेषज्ञों की इस टीम ने सबसे पहले कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम निखिलचंद्र शुक्ला से मुलाकात की। जवाहर बाग की जांच पड़ताल के संदर्भ में विभागीय पत्र भी डीएम को सौंपा। इसके बाद एडीएम प्रशासन अजय कुमार अवस्थी के साथ टीम ने जवाहर बाग का स्थलीय निरीक्षण किया।
यहां उन स्थानों से राख और मिट्टी के नमूने लिए जो विस्फोट से संबंधित हो सकते थे। टीम ने आग से जुडे़ अधिकांश स्थलों को बारीकी से देखा और जांच पड़ताल की। करीब दो घंटे तक यह टीम जवाहर बाग में छानबीन करने के बाद दिल्ली लौट गई। इस दौरान टीम ने पुलिस के पास मौजूद हथियारों को भी देखा।