नगर के तराश मंदिर के पास की एक कालोनी के बगीचे में शनिवार को सुबह एक युवती का शव पेड़ से बंधे फंदे पर लटका मिला। मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली युवती कुछ दिन पहले ही वृंदावन आई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले में आत्महत्या की बात कही जा रही है लेकिन घटनास्थल के हालात इसे संदिग्ध बता रहे हैं।
पश्चिम बंगाल निवासी अन्ना मंडल (26) का वृंदावन के तराश मंदिर स्थित नित्यानंद आश्रम में गुरु स्थान था। आश्रम संचालकों के अनुसार वह पांच दिन पहले वृंदावन आईं और अन्य किसी आश्रम में ठहरी थीं। उन्होंने नित्यानंद आश्रम के महंत और अपने गुरुसम स्वामी रूपानंद से दो दिन पहले गोवर्धन-राधाकुंड की परिक्रमा करने की आज्ञा मांगी और चलीं गईं।
वहां से लौटने के बाद शुक्रवार शाम वृंदावन की परिक्रमा करने की कहकर चलीं गईं। शनिवार को सुबह छह बजे आश्रम के कर्मचारी असीमदास आश्रम के बगीचे में गए तो वहां पापड़ी के पेड़ पर रस्सी से अन्ना मंडल का शव लटका हुआ था। पास की एक स्टूल पड़ा था। असीम ने घटना की जानकारी महंत स्वामी रूपानंद को दी। सूचना पर पहुंची मथुरा गेट चौकी पुलिस ने पंचनामा भर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले में आश्रम के महंत से पुलिस ने प्रार्थना पत्र ले लिया है।
घटना को संदिग्ध बता रहे हालात
वृंदावन। नित्यानंद आश्रम के बगीचे में फांसी के फंदे पर झूलता युवती का शव मिलने के बाद चर्चाएं कई हैं। मथुरा गेट पुलिस मामले को आत्महत्या मानकर महंत से प्रार्थना पत्र ले लिया, लेकिन घटनास्थल के हालात और आसपास की चर्चाएं घटना को संदिग्ध बता रहे हैं।
महंत रूपानंद की मानें तो मंदिर का चौकीदार रोजाना शाम को छह बजे बगीचे का ताला लगाकर आता है। ऐसे में सवाल है कि ताला लगे बगीचे की लगभग छह फुट ऊंची दीवार फांदकर युवती ने कैसे आत्महत्या की। इधर, आसपास के लोगों का कहना है कि महिला बीते दिनों से नित्यानंद आश्रम में ठहरी थी। महंत स्वामी रूपानंद कह रहे हैं कि अन्ना मंडल किसी अन्य आश्रम में ठहरी थीं। महंत ने महिला को पश्चिम बंगाल के बागदाह स्थित अपने गुरु महाराज स्वामी निरानंद की शिष्या बताते हुए कहा कि वह पांच दिन पहले वृंदावन में मंदिरों के दर्शनों के लिए आई थी। वह उससे कम परिचित हैं।