रिफाइनरी के बिटुमिन प्लांट से चार दिन पहले गायब हुए बिटुमिन भरे 184 ड्रम को रिफाइनरी के ऑपरेशन अफसर और सुरक्षा कर्मियों ने तेल माफिया को बेचा था। एसएसपी ने मंगलवार को प्लांट जाकर कर्मचारियों से पूछताछ की। इसके बाद की गई कार्रवाई में छाता के एस्सार डिपो से तारकोल बरामद कर लिया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकरियों ने डिपो को सील कर दिया है।
13 फरवरी की रात को रिफाइनरी के बिटुमिन प्लांट से ड्रम चोरी होने की रिपोर्ट प्लांट प्रबंधक दीपांजन बरई ने सुरक्षा कर्मी भगवान सिंह सहित सात लोगों के खिलाफ दर्ज कराई थी। मामले मेें एसएसपी मंजिल सैनी ने मंगलवार को एसपी सिटी शैलेश पांडे और सीओ रिफाइनरी प्रीति प्रियदर्शिनी के साथ बिटुमिन प्लांट जाकर रिफाइनरी अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की।
ऑपरेशन अफसर आरके यादव और सुरक्षाकर्मी भगवान सिंह को हिरासत में लिया। इसके बाद दो और लोगोें को पकड़ा। पकड़े गए लोगों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने छाता में हाईवे किनारे गौहारी कट के निकट बने एस्सार डिपो जैन संस इंडिया लिमिटेड पर छापा मारा। वहां रिफाइनरी से चोरी गए सभी ड्रम बरामद कर लिए। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने जैन संस इंडिया लिमिटेड में काम कर रहे चार लोगों को हिरासत में लिया है। तेल और बिटुमिन चोरी में संलिप्त रहे माफियाओं के यहां दबिश दी जा रही है।
1:40 लाख की रिश्वत ले निकलवाए थे ड्रम
रिफाइनरी के बिटुमिन प्लांट से 184 ड्रम निकलवाने के लिए ऑपरेशन अफसर और सुरक्षा कर्मियों ने 1.40 लाख रुपये लिए थे। पुलिस पूछताछ में पकड़ गए कर्मचारियों ने बताया कि ड्रम पार कराने को लेकर सीसीटीवी कैमरे की डंडे से दिशा बदल दी और जो कैमरे फिक्स थे उन पर कपड़ा डाल दिया था। इसके बावजूद एक नाइट विजन कैमरे में ट्रक का नंबर कैद हो गया।
रिफाइनरी में कर्मचारी हैं परिवार वाले
रिफाइनरी में तेल चोरी, काला तेल के गोदाम संचालकों के परिवारीजन रिफाइनरी में कर्मचारी हैं। इससे वे रिफाइनरी की पाइप लाइन से लेकर हर गतिविधि से परिचित रहते हैं।
तीन माह पहले मिली धमकी
रिफाइनरी से पेट्रोलियम पदार्थों की चोरी के विरोध को लेकर तीन माह पहले रिफाइनरी अधिकारियों को धमकाया गया था। इस मामले में टर्मिनल मैनेजर सुधीर गुप्ता ने मनोज और बच्चू के खिलाफ रिफाइनरी थाने में शिकायत की थी। रिफाइनरी पुलिस ने इस मामले में एनसीआर दर्ज की थी।