तीर्थस्थलों के लिए गाड़ी बुक करते और रास्ते में लूट लेते। मांट पुलिस और सर्विलांस टीम ने अंतरराज्यीय वाहन लुटेरों के गैंग का खुलासा किया है। गैंग के तीन सदस्य गिरफ्तार किए गए हैं। उनसे तीन गाड़ियां और हथियार बरामद हुए हैं। लुटेरों पर 12 से अधिक मामले विभिन्न जिलों में दर्ज हैं। कानपुर पुलिस ने इन पर 10-10 हजार रुपये का इनाम भी रखा है।
पुलिस लाइन स्थित सभागार में एसएसपी बबलू कुमार ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए लुटेरे राहुल देव उर्फ देव चौधरी निवासी बालियान, मोहल्ला ऋषिपुरम्, थाना विलारी (मुरादाबाद), गौरव शर्मा निवासी सुरेंद्र नगर, कूचामन सिटी नागौर (राजस्थान) और विनोद कुमार निवासी रखेड़ा, थाना जहांगीरपुर (गौतमबुद्ध नगर) हैं।
इनके कब्जे से महिंद्रा एक्सयूवी 500 सिलेटी नंबर यूपी-32 ईजेड0583, महिंद्रा बोलेरो नंबर एचआर-57आर-6350, टोयटा इनोवा आरजे-13-यूए-3011, दो तमंचे, एक किग्रा नशीला डायजापाम बरामद किए हैं।
एसएसपी ने बताया कि राहुल अनुज यादव के नाम से पुलिस का फर्जी पहचान पत्र दिखाकर धमकाता था। आईजी आगरा ने पुलिस पार्टी को 15 हजार का इनाम दिया है। वार्ता में एसपी (देहात) अरुण कुमार सिंह, सीओ मांट संजय कुमार मौजूद रहे।
आगरा जेल में हुई थी मुलाकात
साल 2013 में न्यू आगरा में गृह सचिव एके गुप्ता के बहनोई के यहां डकैती के मामले में आगरा जेल में राहुल देव निरुद्ध था। वहीं गौरव शर्मा से उसकी मुलाकात हुई। इसके बाद दोनों ने ये गैंग तैयार किया। राहुल देव अपने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए कार्बाइन खरीदना चाहता था। ऐसा उसने पुलिस की पकड़ में आने के बाद खुलासा किया।
फर्जी कागजात तैयार कर बेचते थे गाड़ियां
गैंग लूटी गई गाड़ियों के फर्जी कागजात बनवाकर पंजाब, हरियाणा, झारखंड में एक से सवा लाख रुपये में बेच देता। ये काम विनोद कुमार करता था। एक घटना के बाद करीब एक माह तक आराम करते। बताया गया कि दिवियापुर, औरेया से बुक करके लाई गई बोलेरो और इनोवा की लूट मामले में जांच के दौरान गैंग के सुराग मिले। मांट थाना प्रभारी दुर्गेश कुमार एवं सर्विलांस टीम प्रभारी सत्यवीर सिंह जांच कर रहे थे।