अलीगढ़ में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया अलीगढ़ के थाना गोंडा के गांव ढ़ाटौली निवासी बदमाश पंकज उर्फ भोला मथुरा पुलिस के लिए भी सिरदर्द बना हुआ था। बीते तीन साल में थाना फरह क्षेत्र में ट्रेन में हुए दो गोलीकांड में वह शामिल रहा। इसमें आगरा के मोहित भारद्वाज और सिपाही फैज मोहम्मद की हत्या का मामला, अपने साथी हरेंद्र राणा और वीनेश जाट को छुड़ाने में सिपाही खलीक अहमद की हत्या का मामला शामिल है। उसे एक मार्च को मथुरा जेल से मैनपुरी शिफ्ट किया गया था।
एक अक्तूबर 2012 को आगरा रिजर्व पुलिस लाइन के सिपाही फैज मोहम्मद साथी सिपाहियों के साथ आगरा के मोहित भारद्वाज को दिल्ली में पेशी से लेकर लौट रहे थे। फरह के पास श्रीधाम एक्सप्रेस में सवार बदमाश हरेंद्र राणा, सोनू गौतम, फिरोज खान, पंकज उर्फ भोला जाट और नंगू उर्फ नागेंद्र ने श्राीधाम एक्सप्रेस में ताबड़तोड़ फायरिंग कर मोहित भारद्वाज और सिपाही फैज मोहम्मद की हत्या कर दी थी।
इसकी रिपोर्ट मथुरा जीआरपी में दर्ज है। इसके बाद पुलिस ने हरेंद्र राणा और वीनेश जाट पकड़ लिया। पांच दिसंबर 2013 को आगरा पुलिस लाइन के सिपाही हरेंद्र राणा और वीनेश जाट की दिल्ली से पेशी कराकर एपी एक्सप्रेस से आगरा लौट रहे थे। फरह के निकट सोनू गौतम, पंकज उर्फ भोला जाट और उनके आधा दर्जन साथियों ने पुलिस पर फायरिंग कर हरेंद्र राणा और वीनेश जाट को छुड़ा लिया था।
बदमाशों ने सिपाही खलीक अहमद की हत्या कर दी थी और सिपाही विनोद शर्मा, राधेश्याम और प्रदीप कुमार को घायल कर सिपाहियों की राइफल लूट ले गए थे। यह मामला भी जीआरपी मथुरा में दर्ज है। बाद में बुलंदशहर में एक पोखर से उक्त राइफल एक बंद बोरे में पुलिस ने बरामद की थी। भोला को बीते साल 18 अक्तूबर को मथुरा जेल लाया गया था। इसके बाद उसे एक मार्च को प्रशासनिक आधार पर मैनपुरी भेजा गया। भोला पर हत्या, लूट, गैंगस्टर के 10 मामले दर्ज थे।