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ढाई माह बाद भी लापता साधुओं को नहीं खोज पाई पुलिस

Thu, 28 Jan 2016 11:03 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
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परिक्रमा मार्ग स्थित नेपाली समाज की प्राचीन भजनकुटी को ढहाने के मामले में जांच में जुटी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए गए हैं। पीड़ित संतों और वृद्धाओं ने लापता साधुओं की सकुशल वापसी न होने पर पुलिस कार्यप्रणाली पर संदेह जताया है और भविष्य में अनहोनी की आशंका जताई है।
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भजनकुटी सेवा संस्थान के संतों ने इस संबंध में पत्र भेजकर नेपाली राजदूत से शिकायत की है और किसी अन्य एजेंसी से मामले की जांच कराने की मांग की है।

भजनकुटी सेवा संस्थान के सचिव बालकृष्ण देवाचार्य ने बताया कि पांच नवंबर की रात लगभग 50-60 लोगों ने नेपाली समाज की प्राचीन भजनकुटी पर हमला करते हुए वहां रह रहे साधुओं, वृद्ध महिलाओं और विद्यार्थियों को बुरी तरह मारपीट कर घायल कर दिया था।

इसके बाद आरोपियों ने जेसीबी मशीन से भजनकुटी को भी ढहा दिया। इस दौरान आरोपी भजन कुटी के वृद्ध संत गोपाल बाबा, श्याम शरण बाबा, किशोरी बाबा, प्रिया बाबा, रामाधार बाबा और कन्हैया बाबा का अपहरण कर ले गए और भजनकुटी से बेशकीमती अष्टधातु की मूर्तियां भी लूट ले गए।
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उन्होंने बताया कि वृंदावन के संत समाज, हिंदूवादी संगठनों के समर्थन और आंदोलन के बाद जिला पुलिस हरकत में आई और आनन-फानन में कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन समय बीतने के बाद पुलिस की जांच भी कमजोर पड़ गई।

इससे इतने जघन्य अपराध के बाद आरोपियों को कोर्ट से जमानत मिल गई। आरोप लगाया कि घटना को ढाई महीने बीतने के बाद भी न लापता साधुओं को पुलिस खोज पाई है और न लूटे माल को बरामद कर सकी है।
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