सुरीर कोतवाली के गांव खायरा में आयोजित फूलडोल मेला में बाइक बीच से हटाने के विवाद में फौजी और उसके परिवारीजनों ने दो सिपाहियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। महिलाओं ने सिपाहियों की वर्दी फाड़ दी। मारपीट में एक के सिर में चोट आई है। इस दौरान बीच बचाव करने आए गांव के अशोक कुमार का पैर लाठी लगने से टूट गया। सिपाहियों ने गांव की ओर दौड़कर जान बचाई।
गांव खायरा में बुधवार को फूलडोल मेला लगा था। इसमें सुरीर कोतवाली के सिपाही गोविंद और महेश की ड्यूटी लगाई गई थी। मेले में शाम छह बजे गांव का फौजी युवक प्रताप सिंह बघेल बाइक से आया और रास्ते में बाइक खड़ी कर दी। सिपाहियों ने बाइक किनारे खड़ी करने को कहा तो प्रताप सिंह की सिपाहियों से भिड़ंत हो गई। इस पर युवक ने अपने परिवारीजन बुला लिए और सिपाहियों की जमकर पिटाई की। महिलाओें से सिपाहियों की वर्दी फाड़ दी और सिपाही गोविंद सिंह का सिर फोड़ दिया। सिपाही दौड़कर गांव में पहुंचे वहां लोगों के हस्तक्षेप पर सिपाहियाें को सुरक्षित निकाला। सूचना पर पुलिस बल के साथ सीओ मांट राजेश सोनकर और पीएसी मौके पर पहुंच गए। पुलिस को आता देख हमलावर घरों से भाग गए।
गांव खायरा में फौजी प्रताप बघेल और उसके परिवारीजनों ने सिपाहियों की पिटाई की और एक का ईंट से सिर फोड़ दिया। गांव में पीएसी और क्यूआरटी तैनात कराई जा रही है। रिपोर्ट कराकर नामजदों की गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है।
- अजय कुमार, एसपी देहात मथुरा