छटीकरा स्थित शांति सेवा धाम में चल रहे दो दिवसीय अखिल भारतीय लोधी क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अधिवेशन में वक्ताओं ने समाज को संगठित करने की बात कही। उन्नाव के सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि इंसान को जीवन यापन के बाद समाज के निमभनतम तबके की मदद के लिए भी जीना चाहिए। हमेशा समाज को नसीहत नहीं देनी चाहिए, बल्कि समाज का सही नेतृत्व और सही दिशा देने का कार्य भी करना चाहिए।
प्रदेश के राजनीतिक पेंशन सलाहकार राजीव कुमार सिंह लोधी ने कहा कि संगठन से शक्ति, शक्ति से सफलता और सफलता से मंजिल मिलती है। उन्होंने कहा कि यह अधिवेशन समाज को जोड़ने में महत्वपूर्ण होगा। सबसे पहले विभिन्न गुटों में बंटे समाज के नेताओं को एक मंच पर लाया जाएगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष प्यारे लाल लोधी ने कहा कि संगठित रहो, शिक्षित बनो, संघर्ष करो, राजनीति में आगे बढ़ो। इसी मूलमंत्र से समाज में नई ऊर्जा का संचार होगा। हर प्रसाद लोधी ठाकुर ने कहा कि देश के विकास में लोधी क्षत्रियों की अहम भूमिका है।
विशिष्ट अतिथि मध्य प्रदेश के पूर्व शिक्षा मंत्री राजबहादुर सिंह ने कहा कि देश की आजादी से लेकर आज तक लोधी ठाकुरों ने देश के विकास में अहम भूमिका निभाई, लेकिन समाज को सही स्थान नहीं मिला है। मध्य प्रदेश की महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुपमा सिंह ने कहा कि समाज का नेतृत्व करने वाले लोग समाज का सौदा करके अपना फायदा उठाते रहे, लेकिन समाज को कुछ नहीं दिया, यही वजह है कि समाज पिछड़ गया।
इस अवसर पर सोबरन सिंह राजपूत, पोहप सिंह, रमेश चंद लोधी, प्रेमदास लोधी, विजेंद्र सिंह लोधी, सुरेश सुलाखे, सीएल पथरिया, राधेश्याम, मुकेश लोधी, तेज सिंह लोधी, शिखरमोहन राजपूत, ममता सिंह राजपूत, जितेंद्र सिंह, कमल सिंह, रामस्वरूप आदि उपस्थित रहे।
यूपी चुनाव में निर्णायक की भूमिका निभाएगा समाज
अखिल भारतीय लोधी क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अधिवेशन में रविवार को भाग लेने आईं कांग्रेस की युवा स्टार प्रचारक विश्वकन्या साधना भारती का कहना है कि यूपी में इस बार होने वाले विधानसभा चुनाव में लोधी समाज निर्णायक की भूमिका निभाएगा। अभी तक केवल वोट के रूप में इस्तेमाल होता आया समाज अब राजनीतिक दलों के हाथ की कठपुतली नहीं बनेगा।
राजनीतिक दलों का सोच समझकर देंगे साथ
अखिल भारतीय लोधी क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय महासचिव विपिन कुुमार लोधी ने कहा कि इस सम्मेलन में राजनीतिक, आर्थिक, कृषि और समाज को मजबूत करने के कई प्रस्ताव पारित हुए।
सभी वक्ताओं का एक ही मत है कि समाज का एक संगठन हो और सभी लोग उसी झंडे के नीचे कार्य करें। अब लोधी समाज आने वाले समय के राजनीतिक चक्रव्यूह को समझ गया है और वह सोच समझकर दलों का संग देगा।