जवाहरबाग में एसपी सिटी को छोड़कर भागने के मामले में बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। दो सीओ, तीन एसओ और आठ हमराह जांच के घेरे में आ गए हैं। शासन ने भी दोषियों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी दो जून की शाम को जवाहरबाग में दो सीओ, तीन एसओ और आठ हमराह को लेकर पहुंचे थे। अभी जवाहरबाग की बाउंड्री तोड़कर रास्ता बनाने का काम शुरू हुआ ही था कि कब्जाधारियों ने हमला बोल दिया। एसपी सिटी को घेर लिया और सिर पर प्रहार किए।
कब्जाधारियों को देखकर पुलिस अधिकारी यहां से भाग गए थे। एसपी सिटी आवाज लगाते रहे मगर किसी ने नहीं सुनी। जब तक फोर्स नहीं आ गई पुलिस वाले जवाहरबाग में नहीं घुसे। इस पूरे मामले में जांच के आदेश हो गए थे। शासन तक भी जब मामला पहुंचा तो जांच के आदेश हो गए। इस मामले में सभी के बयान लिए जा रहे हैं। जो भी एसपी सिटी के साथ जवाहरबाग में गए थे उन सभी पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
जवाहरबाग पर बंट गए थे अधिकारी
जवाहरबाग को लेकर अधिकारी बंट गए थे। एसपी सिटी चाहते थे कि जवाहरबाग खाली हो जाए जबकि आला अधिकारी टेंशन लेने को तैयार नहीं थे। लिहाजा कोई तारीख तय नहीं की जा रही थी। जबकि एसपी सिटी का कहना था कि एक तारीख तय करके फोर्स बुला ली जाए और जवाहरबाग को खाली करा लिया जाए। लेकिन अधिकारी खामोश हो जाते थे। प्रशासनिक अधिकारी भी कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे।