यमुना एक्सप्रेसवे पर पांच मार्च की रात हुए हादसे में कार चालक डिंपल अरोरा ने बुधवार को मथुरा में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इस हादसे में आगरा निवासी डा. रमेश नागर की मौत हो गई थी। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के काफिले की गाड़ियों की भी हादसे का शिकार हुई कार से टक्कर हुई थी। फिलहाल कोर्ट ने डिंपल को जमानत दे दी है।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी पांच मार्च को वृंदावन में आयोजित भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अधिवेशन में भाग लेकर एक्सप्रेसवे के रास्ते दिल्ली लौट रही थीं। देर रात एक्सप्रेसवे पर थाना मांट क्षेत्र में एक होंडा सिटी कार की बाइक से टक्कर हो गई थी। इसमें बाइक सवार आगरा के एत्मादपुर निवासी डा. रमेश नागर की मौत हो गई थी। उनके बेटा और बेटी घायल हो गए थे। इस दौरान पीछे से आ रहे केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के काफिले की गाड़ियां भी होंडा सिटी कार से जा टकराईं।
हादसे में केंद्रीय मंत्री के चार सुरक्षाकर्मी और दो सहायक भी घायल हो गए थे। मृतक रमेश नागर की बेटी ने हादसे वाली कार केंद्रीय मंत्री के काफिले की बताई और उन पर घायलों की अनदेखी के आरोप लगाया था। मामले की रिपोर्ट थाना मांट क्षेत्र में दर्ज कराई गई, जिसमें केंद्रीय मंत्री का भी नाम था। भाजपाइयों ने टक्कर मारने के आरोपों की जद में आई गाड़ी की चालक डिंपल अरोरा से अनजान होने की बात कही थी।
इधर बुधवार को कार चला रही दिल्ली के थाना मुखर्जी नगर क्षेत्र निवासी डिंपल अरोरा ने मथुरा के कोर्ट में सरेंडर कर दिया। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी अशोक कौशिक ने बताया कि डिंपल अरोरा अपने पिता मान अरोड़ा के साथ अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजीव कुमार की अदालत में पेश र्हुइं। यहां उनके अधिवक्ताओं ने डिंपल की जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया। शाम को दो स्थानीय जमानती के कागज दाखिल करने के बाद अदालत ने डिंपल को जमानत दे दी। सरकार की ओर अभियोजन अधिकारी सुरेश कुमार सिंह ने पक्ष रखा।