दोपहिया वाहन चलाने के दौरान हेलमेट नहीं पहनना जीवन के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। एक माह के दौरान दोपहिया वाहन के साथ 11 हादसे हुए हैं, इसमें से आठ की मौत सिर में चोट लगने के कारण हो गई है। ये लोग हेलमेट नहीं पहने थे। संभावना है कि हेलमेट पहने होने पर इनको लगी चोट इतनी गंभीर नहीं होती और आठ जीवन बच जाते।
जनपद में 84 किलोमीटर लंबा हाईवे और 86 किलोमीटर लंबा यमुना एक्सप्रेसवे और 50 किलोमीटर में बरेली-जयपुर मार्ग मथुरा जनपद से गुजरता है। इसके अलावा सौंख और गोवर्धन मार्ग पर भी यातायात काफी रहता है। इन मार्गों पर दोपहिया वाहनों की संख्या भी काफी रहती है। बड़ी संख्या में लोग दोपहिया वाहनों पर बिना हेलमेट के होते हैं। सड़क हादसे में मौतों में से एक बड़ी संख्या ऐसे ही दोपहिया वाहन चालकों की है, जो हेलमेट नहीं पहने हुए थे और उनके सिर में चोट लगी।
यातायात विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार अप्रैल माह में रोड एक्सीडेंट में कुल 11 मौत हुईं। इनमें थाना महावन क्षेत्र में हुई तीन मौत में जीप और ट्रक की भिडंत से हुईं। बाकी सभी आठ मौत दोपहिया के दुर्घटनाग्रस्त होने से हुई हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इनकी मौत का कारण सिर में चोट लगना दर्शाया गया है।
सबसे दर्दनाक हादसा मांट के गांव जाबरा के निकट नहर पर तीन बाइक सवार युवकों की मौत का रहा। एक ही बाइक पर बैठे चार युवकों में से कोई हेलमेट नहीं लगाए था। इसी तरह थाना हाईवे में सौंख रोड पर तीन घटनाओं में तीन बाइकर्स ने सिर में चोट लगने से दम तोड़ा। छाता में चौधरी ढाबे के निकट और भरतपुर रोड पर तारसी के पास एक-एक युवक की मौत भी सिर में चोट लगने से हुई।
अप्रैल माह में यातायात और सिविल पुलिस ने 1,130 लोगों को बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाते पकड़ा। उनसे 11,300 रुपये का जुर्माना भी वसूला, लेकिन लोगों ने आदत नहीं बदली।
दोपहिया चालकों को यातायात नियम तोड़ने से ज्यादा खुद की जीवन सुरक्षा को देखते हुए भी हेलमेट लगाकर वाहन चलाना चाहिए। यातायात नियमों के पालन कराने के लिए शहर के साथ ही देहात के इलाकों में भी अभियान शुरू कराया जाएगा।
-आशुतोष द्विवेदी, एसपी ट्रैफिक