अपर सत्र न्यायालय (छह) ने वृंदावन के महंत गोविंदानंद तीर्थ स्वामी के अपहरण और लूट के मामले में 11 दोषियों को उम्रकैद और 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इसी मामले में एक व्यक्ति को दो साल की सजा सुनाई गई है।
बता दें, तीन जनवरी 2012 को वृंदावन के महंत गोविंदानंद तीर्थ स्वामी के आश्रम के ड्राइवर हीरा, विजया उर्फ कल्ला ने अपने चार-पांच अन्य साथियों के साथ मिलकर डकैती डाली थी। इन्होंने वारदात के दौरान आश्रम से 40 तोला सोने के ठाकुरजी के आभूषण, साढ़े नौ किलो चांदी, आठ लाख रुपये लूटने के बाद गोविंदानंद तीर्थ स्वामी का अपहरण कर लिया ता। अपहरण के बाद ये महंत को भिंड, मुरैना के जंगलों में ले गए।
यहां उनसे कोलकाता के एक शिष्य को फोन कराकर 60 लाख रुपये अपने खाते में डलवाए। फिर इस धनराशि को हासिल करने के लिए मायाबाई के नाम चेक कटवाया। ये राशि भी अलग-अलग खातों में ले जाकर हड़प ली। महंत गोविंदानंद तीर्थ स्वामी ने इस घटना के संबंध में 31 जनवरी 2012 को वृंदावन कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने 33 लाख नगद और चांदी के बर्तन बरामद किए थे।
सहायक शासकीय अधिवक्ता ईश्वर चंद्र शर्मा और वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी अशोक कौशिक ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश ब्रजेंद्र मणि त्रिपाठी ने हीरा, उसकी पत्नी विजया, विनोद, रतन सिंह, महीपाल, जयंत, मुकेश, प्रेम सिंह, गोपाल, श्यामवीर, मायाबाई है। एदल सिंह को दो साल की सजा सुनाई गई है।
महंत को फंसाने के लिए कराई थी बेटी की भी हत्या
मथुरा। अपहरण और लूट के मामले में हीरा की पत्नी विजया उर्फ कल्ला ने 15 जुलाई 2013 को महंत गोविंदानंद तीर्थ पर बलात्कार का आरोप लगाते हुए कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस की फाइनल रिपोर्ट लगाने के बाद प्राइवेट इस्तगासा दर्ज कराया। इस मामले में छह फरवरी 2014 को बयान होने थे।
इसी दिन थाना यमुना पार में विजया और उसकी बेटी पर दो हमलावरों ने फायरिंग कर दी थी। इस घटना में विजया की बेटी की मौत हो गई थी। विजया ने महंत गोविंदानंद, उनके चेले वैराग्य स्वरूप और नरेंद्र श्रीवास्तव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस की जांच में मामला उलट निकला था और गिरफ्तार किए गए हमलावरों ने बताया कि इस काम के लिए उन्हें विजया ने ही दो लाख रुपये दिए थे। ये मामला भी अपर सत्र न्यायालय में विचाराधीन है।