तत्कालीन डिप्टी एसपी कान सिंह भाटी कोर्ट ले जाती पुलिस
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मथुरा। भरतपुर के राजा मानसिंह हत्याकांड के मुख्य दोषी कान सिंह भाटी की इलाज के दौरान मौत हो गई। 8 सितंबर को उनकी जिला जेल में हालत बिगड़ी थी। जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए पहले आगरा फिर जयपुर ले जाया गया था।
बहुचर्चित राजा मानसिंह हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त सजायाफ्ता कान सिंह भाटी की जयपुर के एसएमएस अस्पताल में शुक्रवार की रात नौ बजे मौत हो गई। 82 वर्षीय कान सिंह भाटी ने 8 सितंबर को जेल अधिकारियों से पेट में गड़बड़ी की शिकायत की थी। जिसके बाद उन्हें जेल अस्पताल से जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां से उन्हें आगरा रेफर किया गया। आगरा के एसएन अस्पताल में जब उनकी हालत नहीं सुधरी तो परिजनों की मौजूदगी में उन्हें जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
जानकारी रहे कि 21 फरवरी 1985 में राजा मानसिंह की राजस्थान पुलिस ने हत्या कर दी थी। इस मामले में राजा मान सिंह के दामाद विजय सिंह सिरोही ने एफआईआर दर्ज कराई थी। वह घटना के चश्मदीद भी थे। जिला जज ने 22 जुलाई 2020 को राजस्थान पुलिस के तत्कालीन सीओ कान सिंह भाटी सहित 11 पुलिसकर्मियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद सभी को जेल भेज दिया गया था।
- जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कान सिंह भाटी की जयपुर के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। जयपुर में ही पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। - शैलेंद्र कुमार मैत्रेय, वरिष्ठ जेल अधीक्षक।